“जिन्होंने मेरे पति की जान ली, मैं उनकी आंखों में डर देखना चाहती हूं। वे मेरी आंखों में देख कर जवाब दें – हमारा कसूर क्या था?” यह कहना है शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी का। हिमांशी ने आतंकी हमले की दरिंदगी को याद करते हुये कहा, “चंद सेकेंड में हंसते-खेलते परिवार उजड़ गये। सरकार से मांग है कि आतंकियों को सजा से पहले मेरे सामने लाया जाये।” एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया के अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य से बातचीत में हिमांशी ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई। शांडिल्य ने ऐलान किया कि आतंकियों का सिर लाने वाले को एक करोड़ का ईनाम दिया जायेगा।
“मेरा भाई सर्वोच्च सम्मान का हकदार है” – सृष्टि नरवाल
शहीद की बहन सृष्टि ने कहा, “विनय ने देश के लिये जान दी है। उसे भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान मिलना चाहिये।” उन्होंने वायरल वीडियो को फर्जी बताते हुये स्पष्ट किया कि उसमें दिख रहे लोग विनय और हिमांशी नहीं हैं। शांडिल्य ने सरकार से मांग की है कि हिमांशी को नेवी में नौकरी और सृष्टि को हरियाणा सिविल सेवा में मौका मिले। साथ ही शहीद परिवार को एक-एक करोड़ की आर्थिक सहायता केंद्र व जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा दी जाये।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

