जामताड़ा(JAMTADA):पश्चिम बंगाल के सालानपुर थाना अंतर्गत डोमदोहा गांव में बुधवार रात हुई एक जघन्य हत्या हुई है। इसने समूचे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक समर्पित जवान को गोली मार दिया। देश की सुरक्षा में समर्पित यह जवान, मिहिजाम (झारखंड) के निवासी सुनील कुमार पासवान (45 वर्ष) थे। इस वीभत्स कांड ने क्षेत्र में भय और असुरक्षा की भावना को गहरा कर दिया है।
1. नृशंस हत्या:
घटना बुधवार रात्रि लगभग 8:30 बजे की है। डोमदोहा गांव में उस समय सन्नाटा पसर गया जब दो बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी का शिकार हुए जवान सुनील कुमार पासवान की मौके पर ही मृत्यु हो गई। हमलावर हत्या को अंजाम देकर अंधेरे का लाभ उठाते हुए फरार हो गए। यह कृत्य न केवल अमानवीय था, बल्कि पूरी व्यवस्था पर गहरा प्रहार है।
2. शहीद जवान की पहचान:*सुनील कुमार पासवान, झारखंड के मिहिजाम थाना क्षेत्र के बाढ़ईपाड़ा के मूल निवासी थे। वे केंद्रीय सुरक्षा बल का हिस्सा होने के नाते देश की सेवा में समर्पित थे। छुट्टी के दौरान वे अपनी निजी जमीन संबंधी कार्यों के लिए डोमदोहा क्षेत्र आए हुए थे। उनका यह आकस्मिक निधन सिर्फ उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है।
3. घटनास्थल पर मौजूद थे मित्र:
शहीद जवान अपने निकटतम मित्र पंकज शर्मा के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे, जो जमीन देखने का कार्य कर रहे थे। पंकज घटना के समय कुछ दूरी पर थे और जैसे ही गोली चलने की आवाज सुनी, तुरंत दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि सुनील जमीन पर लहूलुहान अवस्था में पड़े हैं। यह दृश्य अत्यंत हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाला था।
4. तत्काल पुलिस हरकत में:
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से रूपनारायणपुर फाड़ी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। साथ ही एसीपी जावेद हुसैन, सालानपुर थाना प्रभारी अमित हाटी और झारखंड पुलिस बल भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर आवश्यक साक्ष्य जुटाने का काम आरंभ कर दिया।
5. प्रारंभिक जांच और अहम सुराग:
पुलिस को घटनास्थल से शराब की खाली बोतलें, चिप्स के पैकेट और अन्य वस्तुएं मिली हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि हमलावर कुछ समय पहले वहां ठहरे थे और इस हत्या को पूर्व नियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया। इससे जांच की दिशा संगठित आपराधिक गतिविधियों की ओर मुड़ती दिख रही है।
6. भय और तनाव का माहौल:
इस कांड के बाद डोमदोहा सहित सालानपुर क्षेत्र में भय और अस्थिरता का माहौल व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों में दहशत है और वे खुलकर बात करने से कतरा रहे हैं। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आम आदमी या देश का सेवक भी अब सुरक्षित नहीं?
7. शोक में डूबा बढ़ईपाड़ा :
मृतक जवान का पैतृक गांव ढ़ईपाड़ा इस घटना से स्तब्ध है। गांव में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांववालों का कहना है कि सुनील एक शांत और समाजसेवी प्रवृत्ति के व्यक्ति थे, जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे। उनका इस तरह जाना पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
8. प्रशासन पर बढ़ा दबाव, कड़ी कार्रवाई की मांग:
परिजनों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सुरक्षा बलों की ओर से प्रशासन पर गंभीर दबाव है कि इस कांड में शामिल अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा दी जाए। सीआईएसएफ के भीतर भी आक्रोश व्याप्त है, क्योंकि जब देश का रक्षक ही असुरक्षित हो, तो शेष व्यवस्था पर विश्वास कैसे कायम रखा जाए?
निष्कर्ष:
यह घटना न केवल एक जवान की निर्मम हत्या है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाती है। शहीद जवान को न्याय दिलाना अब केवल एक जांच का विषय नहीं, बल्कि सम्मान और विश्वास की बहाली का विषय बन गया है। प्रशासन को त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे अपराधियों में भय और आम जनता में सुरक्षा की भावना पुनः स्थापित हो।
NEWSANP के लिए रांची से आर पी सिंह की रिपोर्ट

