नयी दिल्ली(NEW DELHI): पृथ्वी को हरा-भरा बनाए रखने के लिए हम सभी को अपनी तरफ से योगदान देना चाहिए। पर्यावरण को सुरक्षित रखकर ही आने वाली पीढ़ी को खुशहाल जीवन दिया जा सकता है। इस बार पृथ्वी दिवस पर हम सभी को इसके लिए प्रण लेना चाहिए।
अर्थ डे यानी पृथ्वी दिवस हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता है। इसे इंटरनेशनल मदर अर्थ डे के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसके साथ ही हर व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के प्रति सचेत करने और पृथ्वी की सुरक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध करने के लिए इस दिन प्रयास किया जाता है। स्कूल से लेकर जगह-जगह इस दिन प्रोग्राम होते हैं। लेकिन क्या आपको पता है हर साल 22 अप्रैल को ही क्यों पृथ्वी दिवस मनाते हैं? आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह और इस साल की थीम के बारे में।
22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाने की वजह
वर्ष 1969 में यूनेस्को सम्मेलन में पहली बार शांति कार्यकर्ता जॉन मैककोनेल (John McConnell) ने पृथ्वी दिवस को मनाने का प्रस्ताव रखा था। पहले इस दिन को सेलिब्रेट करने का मकसद अर्थ को सम्मान देना था। सबसे पहली बार 22 अप्रैल, 1970 को संयुक्त राज्य अमेरिका में पृथ्वी दिवस मनाया गया। इसके बाद डेनिस हेस ने 1990 में विश्व स्तर पर इसे मनाए जाने का प्रस्ताव रखा। इसमें 141 देशों ने भागीदारी की। 2016 में पृथ्वी दिवस को जलवायु संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया गया।
2025 के लिए चुनी गई है ये थीम
मनुष्य अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए हर तरह से पृथ्वी को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे ग्लोबल वॉर्मिंग, क्लाइमेट चेंज और कई जगह बाढ़ जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में लोगों को इसके प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी हो गया है। हर साल अर्थ डे मनाने के लिए थीम चुनी जाती है। इस साल यह थीम ‘आवर पावर, आवर अर्थ’ है। इसके जरिए क्षय होने वाले ऊर्जा स्त्रोतों को भविष्य में दोबारा इस्तेमाल करने लायक बनाने के प्रति जागरूक करना है।
NEWSANP के लिए नयी दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट

