रांची(RANCHI):रांची के NIA कोर्ट तक स्पीड पोस्ट से दो लिफाफे पहुंचे। इसमें दो नाम है, पर मकसद एक ही है दहशत कायम करना। “एक महीने में जज पर हमला होगा।” “जेल ब्रेक होगा, शूटरों को सुपारी दी गई है।” “प्रशांत बोस और शीला मरांडी को छुड़ाने की तैयारी है।” इस गुमनाम चिट्ठी में इस बात का जिक्र है कि NIA कोर्ट में बैठे न्याय के रक्षक को मिटा दो, जेल की सलाखें तोड़ दो और निकाल लाओ अपने कॉमरेड्स को।” सूत्रों के मुताबिक, पत्र में जिन शूटरों का जिक्र है, वे झारखंड-बिहार सीमा के स्लीपर मॉड्यूल्स से जुड़े हो सकते हैं। पैसे का लेन-देन भी क्रिप्टो के जरिये हुआ है, अब इसे स्पेशल सेल खंगाल रही है। पत्र में मोबाइल नंबर भी दर्ज है, खत सिर्फ इरादे का नहीं, प्लानिंग का भी है। इस संबंध में रांची के कोतवाली थाने में FIR दर्ज की गई है। थानेदार आदिकांत महतो के बयान पर केस दर्ज किया गया है। पत्र में जिन नामों का जिक्र है प्रशांत बोस, शीला मरांडी ये दोनों माओवादी नेटवर्क के बड़े चेहरे हैं। इस गुमनाम चिट्ठी के आने के बाद से कोर्ट परिसर से लेकर जेल तक की सुरक्षा तगड़ी कर दी गई है। एनआईए, आईबी, रांची पुलिस और जेल प्रशासन सभी अलर्ट पर हैं।
NEWSANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

