जामताड़ा(JAMTADA): चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर मिहिजाम चित्तरंजन स्टेशन रोड स्थित शिवालय परिसर के हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती का भव्य आयोजन धूमधाम से सम्पन्न हुआ। यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और अध्यात्म का एक जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जिसमें क्षेत्रभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मुख्य आकर्षण बिंदु:
- मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया । मुख्य द्वार पर रंगोली, तोरण और पुष्पों से आकर्षक सजावट की गई ।
- श्री हनुमान जी की प्रतिमा को चंदन, सिंदूर, चमेली के तेल और रेशमी वस्त्रों से भव्य श्रृंगार किया गया। दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
- सुंदरकांड पाठ, भजन संध्या, हवन-पूजन और प्रसाद वितरण जैसे धार्मिक अनुष्ठान चला ।
- वातावरण में “जय हनुमान ज्ञान गुण सागर” जैसे मंत्रों की गूंज से संपूर्ण परिसर भक्तिमय हो गया।
धार्मिक संदेश और आध्यात्मिक प्रेरणा:
- आयोजन के दौरान तीर्थ पुरोहित बबलू तिवारी एवं सुरेंद्र नाथ तिवारी ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि इस मंदिर में स्थित दक्षिणमुखी हनुमान जी का विग्रह विशेष रूप से सिद्ध और मनोकामना पूर्ण करने वाला है।
- उन्होंने कहा कि हनुमान जयंती केवल पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, निःस्वार्थ सेवा और अटूट भक्ति की प्रेरणा देने वाला अवसर है।
- “ॐ नमो हनुमते नमः” मंत्र के जाप एवं राम नाम लेखन की महिमा को शास्त्रों के उदाहरणों के साथ समझाया गया, जिससे श्रद्धालु गहराई से जुड़ कर वैतरणी पार कर सके।
श्रद्धालुओं की सहभागिता:
- बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, युवा और बच्चे आयोजन में शामिल हुए।
- श्रद्धालुओं ने इसे केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का उदाहरण बताया।
- सभी ने शिवालय परिसर को मिहिजाम की श्रद्धा-आस्था का केंद्र मानते हुए आयोजन की सराहना की।
निष्कर्ष:
यह आयोजन न केवल एक धार्मिक उत्सव हैं । बल्कि मिहिजाम को एक बार फिर आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों की प्रमुख स्थली के रूप में प्रतिष्ठित कर गया। हनुमान जयंती पर उमड़ा यह श्रद्धा का सैलाब आने वाले समय में आस्था की यह परंपरा और भी मजबूत करेगा।
NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर. पी. सिंह की रिपोर्ट

