बिहार(BIHAR) : नालंदा में गुरुवार को आई प्रचंड आंधी और बारिश ने तबाही मचा दी। 40–50 किमी/घंटे की रफ्तार से चली हवाएं अपने साथ मौत का पैगाम लेकर आईं। एक विशाल पीपल का पेड़ जड़ से उखड़ कर गार्ड राकेश कुमार को ऊपर गिर गया। वह हमेशा के लिये खामोश हो गया। नगवां गांव के देवी स्थान पर लोग बारिश से बचने आये थे। तभी अचानक दीवार गिर गयी, जिसके चलते चार लोगों की जान चली गई। दुर्गापुर में 10 साल का बच्चा पेड़ की छांव में बैठा था, तभी पेड़ उसका काल बनकर गिर पड़ा। एक अबोध जीवन, हवा की मार से मिट गया। जहां-तहां कई पेड़ गिर गये। बिजली के खंभे धराशायी हो गये। कई घरों के छप्पर उड़ गये। आसमान का कहर अब भी जमीन पर पसरा है। तेज हवाओं ने गेहूं-मूंग की खड़ी फसलें बर्बाद कर दी। कुंडलपुर महोत्सव… सांस्कृतिक रंगों पर भी पानी फिर गया। बारिश ने साज, सुर और संग का मंच भिगो दिया। खबर है कि अबतक सात लोगों की जान जा चुकी है।
NEWSANP के लिए बिहार से ब्यूरो रिपोर्ट

