सिंदरी(SINDRI):सीपीएम के सिंदरी बलियापुर लोकल कमिटी के सचिव विकास कुमार ठाकुर ने जानकारी दी कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पोलित ब्यूरो ने तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पारित विद्यायकों पर मंजूरी न देने के लिए तमिलनाडु के राज्यपाल का फैसले को खारिज करने वाले सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया है। न्यायालय ने घोषणा किया कि राज्यपाल द्वारा रोके गए दस विधेयक अब कानून बन जाएंगे।
सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यपाल के कार्यों को ‘अवैध और मनमाना’ करार दिया था। न्यायालय ने राज्यपाल के लिए निर्णय करने की समय सीमा निर्धारित की थी, जिसके अनुसार विधानसभा द्वारा विधेयकों को मंजूरी दिए जाने के बाद समयबद्ध कार्रवाई करेंगे।
यह एक ऐतिहासिक निर्णय है, क्योंकि यह विपक्षी शासित राज्यों के कई राज्यपालों के कार्यों के खिलाफ आया है, जो संविधान में निहित संघीय सिद्धांतों का उल्लंघन कर रहे हैं।
यह निर्णय अब केरल सहित सभी राज्यों के लिए मिसाल कायम करेगा, जहां राज्यपालों ने राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयकों पर मंजूरी नहीं दी।
सीपीआई(एम) इस फैसले का स्वागत करती है जो हमारे संविधान में निहित संघीय सिद्धांतों को मजबूत करने में मदद करता है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला अधिनायकवाद के खिलाफ संघर्ष और राज्य सरकारों के अधिकारों की सुरक्षा को मजबूत करेगा।
NEWSANP के लिए सिंदरी से भोला बाउरी की रिपोर्ट

