शहीद सिद्धार्थ को नम आंखों से विदाई दी…

शहीद सिद्धार्थ को नम आंखों से विदाई दी…

गुजरात(GUJRAT): गुजरात के जामनगर में बुधवार की रात को क्रैश हुए लड़ाकू विमान जगुआर में शहीद हुए रेवाड़ी के जांबाज फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। सभी की आंखें नम थीं। पिता ने अपलक निहारते हुए बेटे को मुखाग्नि दी। शुक्रवार की सुबह शहीद सिद्धार्थ का पार्थिव शरीर लेकर एयरफोर्स की टुकड़ी उनके रेवाड़ी स्थित निवास पर पहुंची। यहां से काफिले के रूप में उनकी अंतिम यात्रा चली और गांव भालखी माजरा पहुंची। दिवंगत सिद्धार्थ की एक झलक देखने और श्रद्धांजलि देने के लिए लोग उमड़ पड़े। घर से पिता सुशील यादव अपने कंधों पर युवा बेटे की अर्थी लेकर चले तो लोग फूट-फूटकर रोने लगे। मां सुशीला देवी को यकीन ही नहीं हो रहा था के उसके कलेजे का टुकड़ा अब नहीं रहा।

एयरफोर्स की आई टुकड़ी ने शस्त्र झुकाकर और फायर करके सिद्धार्थ यादव को अलविदा कहा। उल्लेखनीय है कि दो अप्रैल की रात 9 बजे जगुआर उड़ाते समय उसमें अचानक तकनीकी खराबी आ गई और प्लेन जामनगर के पास ही क्रैश हो गया। सिद्धार्थ यादव वीरगति को प्राप्त हो गए, लेकिन प्लेन में बैठे अपने साथी मनोज कुमार सिंह की जान बचा गए। 23 मार्च को ही उनकी सानिया से सगाई हुई थी। विवाह दो नवंबर को होना था।

मां और मंगेतर बोलीं, शहादत पर गर्व

मंगेतर सानिया भी श्मशान घाट पहुंचीं। वह रोते हुई बोलीं कि मुझे एक बार सिद्धार्थ का चेहरा दिखा दो। उसे सिद्धार्थ की शहादत पर गर्व है। मां सुशीला ने कहा कि उसे ऐसे बहादुर बेटे की जननी होने पर अभिमान है। वह देश सेवा के लिए गया था और देश के लिए ही काम आ गया। एयरफोर्स से रिटायर्ड पिता सुशील यादव ने कहा कि उसे बहुत बड़ा अधिकारी बनना था, लेकिन यह सपना टूट गया। वह बहुत ही मेधावी और बहादुर बेटा था। सिद्धार्थ यादव ने 2016 में एनडीए की परीक्षा पास की थी और वायुसेना के फाइटर पायलट बने थे। दो साल बाद पदोन्नति मिलने पर फ्लाइट लेफ्टिनेंट बन गए थे।

NEWSANP के लिए गुजरात से ब्यूरो रिपोर्ट

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *