नई दिल्ली(NEW DELHI):संसद में पास होने के बाद भी वक्फ संशोधन बिल पर घमासान जारी है। बिल पर संसद की मुहर लगने के बाद शुक्रवार को देश के आठ राज्यों में मुस्लिम समाज के लोगों ने सडक़ों पर उतरकर प्रदर्शन किया। पश्चिम बंगाल, गुजरात, बिहार, झारखंड, तमिलनाडु, तेलगांना, असम और कर्नाटक में लोग बिल वापस लेने के लिए सडक़ों पर उतरे। इस बीच वक्फ एक्ट में बदलाव के खिलाफ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की गई हैं। पहली याचिका एआईएमआईएम चीफ एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने डाली है, जबकिबिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने भी बिल के खिलाफ याचिका लगाई है। बिल दो और तीन अप्रैल को लोकसभा-राज्यसभा में 12-12 घंटे की चर्चा के बाद पास हुआ था। इसे अब राष्ट्रपति को भेजा जाएगा।
उनकी सहमति के बाद यह कानून बन जाएगा। राज्यसभा से गुरुवार को बिल पास होने के बाद कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा था कि हम बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। संविधान की रक्षा के लिए हर मंच पर आवाज उठाते रहेंगे। तमिलनाडु की डीएमके ने भी याचिका लगाने की बात कही थी। अगर प्रदर्शनों की बात की जाए, तो कोलकाता के पार्क सर्कस क्रॉसिंग पर अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य विरोध जताने निकले और वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनों के कारण क्षेत्र में यातायात बाधित हो गया और बड़ी संख्या में लोग सडक़ों पर जमा हो गए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी वक्फ विधेयक पेश करने के लिए भाजपा की आलोचना की है और उस पर देश को बांटने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में भी मुस्लिमों ने इस बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया।
NEWSANP के लिए नई दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट

