जमशेदपुर(JAMSHEDPUR): झारखंड की सियासत में हलचल तेज हो गई है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के निजी सचिव के ठिकानों पर हुई छापामारी के बाद विधायक सरयू राय ने मीडिया से कहा कि “मैंने कई बार इस घोटाले का मुद्दा उठाया था। कोरोना काल में आयुष्मान योजना में सबसे बड़ा खेल हुआ। फर्जी अस्पताल, जाली बिल और सरकारी तंत्र की मिलीभगत, इन सब पर जांच होनी चाहिये।” विधायक के मुताबिक, झारखंड में आयुष्मान योजना का 40 करोड़ का बिल अब भी बकाया है। कई अस्पताल कागजों में रजिस्टर्ड हुये, लेकिन असल में उनका कोई अस्तित्व नहीं। सरयू राय का दावा है कि “मंत्रालय और सचिवालय की भूमिका संदिग्ध है। जांच एजेंसियों के पास पक्के सबूत हैं, तभी यह कार्रवाई हुई।”
NEWSANP के लिए जमशेदपुर से ब्यूरो रिपोर्ट

