झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार: एक गहरी पड़ताल….

झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार: एक गहरी पड़ताल….

जामताड़ा(JAMTADA):झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति दिन-ब-दिन चिंताजनक होती जा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, और भ्रष्टाचार चरम पर है। इसकी एक बानगी जामताड़ा जिले के मिहिजाम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में देखने को मिली। जहां राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी को फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए रिश्वत मांगी गई। यह घटना दर्शाती है कि जब प्रतिभावान खिलाड़ियों को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तो आम जनता की स्थिति कितनी दयनीय होगी।

स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के लिए रिश्वत

1 अप्रैल 2025 को मिहिजाम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में राष्ट्रीय खिलाड़ी राज कमल कुमार स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे। उन्हें प्रमाण पत्र देने के लिए ₹300 की रिश्वत मांगी गई। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो डॉ. विशाल कुमार और उनके स्टाफ ने प्रमाण पत्र देने से मना कर दिया।

उच्च स्वास्थ्य अधिकारी से शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं

जब यह मामला उच्च स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. निलेश कुमार तक पहुंचा, तो उन्होंने प्रमाण पत्र देने के बजाय विभिन्न प्रकार की अनावश्यक जांचें लिख दीं। खिलाड़ी को सदर अस्पताल, जामताड़ा एवं अन्य संस्थानों से चेकअप करवाकर रिपोर्ट जमा करने को कहा गया।

कैमरे में कैद भ्रष्टाचार

यह घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो चुकी है। जो स्पष्ट रूप से दिखाती है कि स्वास्थ्य विभाग में रिश्वतखोरी किस कदर व्याप्त है। यह पहली बार नहीं हुआ है। खिलाड़ियों और आम नागरिकों से ₹200 से ₹300 की अवैध वसूली की घटनाएं पहले भी सामने आई हैं।

कबड्डी खिलाड़ियों का विरोध प्रदर्शन

इस घटना से नाराज होकर सभी कबड्डी खिलाड़ियों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिहिजाम का घेराव किया और डॉक्टर विशाल कुमार को बर्खास्त करने की मांग की। खिलाड़ियों ने इसके विरोध में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का पुतला भी दहन किया

स्वास्थ्य मंत्री का विधानसभा क्षेत्र और व्यवस्था पर सवाल

गौरतलब है कि यह स्वास्थ्य केंद्र झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के विधानसभा क्षेत्र में स्थित है। जब मंत्री के अपने क्षेत्र में ऐसी अनियमितताएं हो रही हैं। तो बाकी प्रदेश के जिलों की स्थिति की कल्पना करना कठिन नहीं है। इससे सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर प्रश्न उठते हैं।

निष्कर्ष

झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार से आम जनता और खिलाड़ियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार हो सकता है। तो गरीब और साधारण नागरिकों के साथ क्या होता होगा? सरकार को इस मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहें।

NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट।

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