धनबाद(DHANBAD): रैयती (निजी मालिक की जमीन) जमीन पर 48 करोड़ रुपए खर्च कर नगर निगम अपना कार्यालय बना रहा है। इतना ही नहीं नगर निगम ने जमीन के एक भाग में पांच करोड़ रुपए खर्च कर रवींद्र भवन का भी निर्माण कराया है। रवींद्र भवन का काम पूरा हो गया है, जबकि नगर निगम के कार्यालय का काम चल रहा है। करीब 60 फीसदी काम हो गया है। धनबाद अंचल के मौजा नावाडीह में जमीन है। यह बिरसा मुंडा पार्क के सामने है। कुर्मीडीह के रहने वाले मदन प्रसाद महतो ने जमीन पर दावा किया था। दावेदारों का कहना है कि निगम कार्यालय और रवींद्र भवन के निर्माण शुरू होने के वक्त भी जिला प्रशासन के अधिकारियों से फरियाद लगाई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हार कर कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर धनबाद सीओ ने जमीन की रसीद जारी कर दी है।
क्या है मामला: 2018 में बाड़ामुड़ी में नगर निगम के कार्यालय व 2019 में रवींद्र भवन का निर्माण शुरू हुआ। काम शुरू होने के साथ रैयतों ने जमीन पर अपना दावा शुरू किया। दावेदारों में से एक प्रकाश कुमार महतो का कहना है कि हमारा दावा स्वीकार नहीं किया गया। तत्कालीन डीसी व सीओ से गुहार लगाने का कोई फायदा नहीं हुआ। मजबूरन हाईकोर्ट का सहारा लिया। हाईकोर्ट ने दो दिसंबर-2019 में सीओ को जमीन के संबंध में तीन महीने में रिपोर्ट देने को कहा। तत्कालीन सीओ ने तय समय में रिपोर्ट सौंपी, जिसमें 1.16 एकड़ जमीन को रैयती मानते हुए उसे मदन प्रसाद महतो की संपत्ति मानी। इसकी लगान रसीद भी जारी कर दी गई।
शेष 2.33 एकड़ जमीन के लिए मदन प्रसाद महतो ने 2024 में हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर किया। प्रकाश महतो ने बताया कि हाईकोर्ट ने दावे को स्वीकार किया और आवेदक (मदन महतो) के नाम से जमीन की लगान रसीद जारी करने का आदेश दिया। प्रकाश महतो ने बताया कि इसके बाद भी जमीन की रसीद नहीं काटी गई तो हाईकोर्ट में अवमाननावाद दायर किया गया। कोर्ट ने तीन माह के अंदर रसीद काटने का आदेश दिया। इसके बाद वर्तमान सीओ शशिकांत कुमार ने रैयत मदन प्रसाद महतो समेत अन्य के नाम रजिस्टर-टू (थोका) में दर्ज कर गुरुवार (27 मार्च 2025) को लगान रसीद जारी कर दी है।
NEWSANP के लिए धनबाद से ब्यूरो रिपोर्ट

