उत्तर प्रदेश(UTTAR PRADESH) : साल के सबसे पावन समय चैत्र नवरात्रि और रामनवमी पर यूपी के CM योगी आदित्यनाथ ने अपने दृढ़ निर्णय से यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की पावन धरती पर धार्मिक आस्थाओं के साथ कोई समझौता नहीं होगा। योगी सरकार ने एक सख्त आदेश जारी कर धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और नगर निकायों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अवैध बूचड़खानों को तत्काल बंद किया जाये और इस आदेश को सख्ती से लागू किया जाये।
संस्कृति और आस्था को मिलेगा सम्मान
सरकार ने 2014 और 2017 के पुराने आदेशों को फिर से लागू करते हुये धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाये रखने का संकल्प लिया है। यह प्रदेश की सनातनी परंपराओं और संस्कृति को सुरक्षित रखने का एक अभूतपूर्व प्रयास है। इसके तहत जिला स्तर पर एक विशेष समिति गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे। इस समिति में पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पशुपालन विभाग, परिवहन विभाग, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे। इनका दायित्व यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रदेश में यह प्रतिबंध प्रभावी रूप से लागू हो और किसी भी स्थिति में धार्मिक आस्थाओं का अपमान न होने पाये।
राम नवमी पर विशेष व्यवस्था
इस वर्ष 6 अप्रैल को रामनवमी की पावन तिथि पर यूपी में विशेष सतर्कता बरती जायेगी। इस दिन प्रदेशभर में पशु वध और मांस की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 और खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 एवं 2011 के प्रावधानों के तहत उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
आस्था पर कोई आंच नहीं
योगी आदित्यनाथ का यह ऐलान करोड़ों सनातनी श्रद्धालुओं की आस्था को सुरक्षित रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मंदिरों की घंटियों की पवित्र ध्वनि और हवन-यज्ञ की सुगंध में किसी भी प्रकार की अशुद्धता का कोई स्थान नहीं होगा। उत्तर प्रदेश की पावन धरती अब अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को और अधिक सशक्त होते देखेगी। यह निर्णय एक नये युग की शुरुआत है—एक ऐसा युग जहां परंपराएं सुरक्षित रहेंगी, संस्कृति संरक्षित होगी और आस्थाओं को पूर्ण सम्मान मिलेगा।
NEWSANP के लिए उत्तर प्रदेश से ब्यूरो रिपोर्ट

