इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर, 28,000 करोड़ का पूंजीगत खर्च
गूंजे ‘मोदी-मोदी’ के नारे
दिल्ली(DELHI):दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को जब CM रेखा गुप्ता ने एक लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, तो सदन में एक नई ऊर्जा महसूस की गई। पहली बार दिल्ली को इतना बड़ा बजट मिला था—आंकड़ों से भरा, वादों से लदा, और विपक्षी वार से सजा हुआ। CM रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुये कहा कि “ये सिर्फ सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि बीते दस साल की दुर्दशा का हिसाब है।” उन्होंने पिछली सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि जनता को सिर्फ सपने दिखाये गये, लेकिन सच्चाई झुग्गियों और टूटी सड़कों में छिपी रही।
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर, 28,000 करोड़ का पूंजीगत खर्च
इस बार दिल्ली के बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मुख्य फोकस बनाया गया है। सरकार ने 28,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया है, जिससे सड़कों, पुलों और सार्वजनिक सुविधाओं में बड़े बदलाव लाने का वादा किया गया है। बजट भाषण के दौरान CM रेखा गुप्ता ने बीते दस सालों को दिल्ली की “आपदा सरकार का दौर” बताया। उन्होंने कहा कि “दिल्लीवालों को कभी लंदन का सपना दिखाया गया, लेकिन हकीकत में दिल्ली को अराजकता में झोंक दिया गया।”
गूंजे ‘मोदी-मोदी’ के नारे
जैसे ही CM ने अपना भाषण पूरा किया, सदन में “मोदी-मोदी” के नारे गूंज उठे। सत्ता पक्ष इस बजट को दिल्ली के सुनहरे भविष्य का खाका बता रहा था, तो विपक्ष इसे कोरी सियासी बयानबाज़ी कहकर खारिज कर रहा था।
NEWSANP के लिए दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट

