धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ ने मनाया श्रद्धेय गणेश शंकर विद्यार्थी जी का वलिदान दिवस….

धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ ने मनाया श्रद्धेय गणेश शंकर विद्यार्थी जी का वलिदान दिवस….

धनबाद(DHANBAD):आज दिनांक 25.03.2025 को भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के समस्त क्षेत्रों में धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ के वैनर तले सभा/संगोष्ठी आदि कर “श्रद्धेय गणेश शंकर विद्यार्थी जी के बलिदान दिवस” को भव्यरूप से मनाया गया, जिसमें धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ के समस्त पदाधिकारीगण एवं क्षेत्रीय प्रभारी अपने-अपने प्रभार क्षेत्रों में क्षेत्रीय एवं शाखा पदाधिकारीयों के अलावे प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ उपस्थित हुये।

बीसीसीएल के गोविन्दपुर क्षेत्र में भामसंघ झा. प्रदेश के कार्यसमिति समिति सदस्य शुशील कुमार सिंह, ध. को.क. संघ के अध्यक्ष मुरारी ताँती सहित पदाधिकारी के अलावे क्षेत्रीय अध्यक्ष, क्षेत्रीय सचिव सहित अन्य पदाधिकारिया की उपस्थिति में वलिदान दिवस मनाया गया।

सभा को संबोधित करते हुये संघ के अध्यक्ष सह सलाहकार समिति सदस्य बीसीसीएल मुरारी ताँती ने कहा कि गणेश शंकर एक प्रमुख मजदूर नेता, भारतीय पत्रकार के साथ-साथ स्वतंत्रता सेनानी भी थे। उनकी रचनाएँ इतनी प्रभावशाली थीं कि उनसे ब्रिटिश सरकार भयभीत हो जाती थी। उनके क्रांतिकारी लेखन के कारण उन्हें ब्रिटिश सरकार द्वारा जेल में डाल दिया गया था। सजा के अलावा गणेश शंकर विद्यार्थी को कई बार जुर्माना भी भरना पड़ा। उनकी कलम इतनी तेज थी कि उससे अंग्रेज शासक बहुत चिंतित हो गए। अब भी लोग गणेश शंकर विद्यार्थी और उनके अखबार ‘प्रताप’ को पत्रकारिता का सर्वोत्तम उदाहरण मानते हैं। उनका जन्म 26 अक्टूबर 1890 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था। उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत एक कलर्क और शिक्षक के रूप में की, लेकिन जल्द ही उनकी रुचि पत्रकारिता और राजनीति में हो गई। उन्होंने 1913 में अपने स्वयं के हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र, प्रताप की स्थापना की, जो भारतीय राज्यों के उत्पीड़ित किसानों, श्रमिकों और लोगों की आवाज बन गया गणेश शंकर विद्यार्थी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न आंदोलनों, जैसे होम रूल आंदोलन, असहयोग आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन में भाग लिया। उन्हें कई बार गिरफ्तार किया गया और उनके लेखन और गतिविधियों के लिए कई मुकदमों का सामना करना पड़ा l स्वतंत्रता आंदोलनों से जुड़े दंगों में घायल होने के बाद 25 मार्च 1931 को कानपुर में उनकी मृत्यु हो गई। उन्हें एक निडर और समर्पित पत्रकार और देशभक्त के रूप में याद किया जाता है।

इसी क्रम धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ के समस्त पदाधिकारीगण एवं क्षेत्रीय प्रभारी अपने-अपने प्रभार क्षेत्र में क्षेत्रीय एवं शाखा पदाधिकारीयों के अलावे प्रमुख कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में बरोरा क्षेत्र, ब्लॉक ।। क्षेत्र, गोविन्दपुर क्षेत्र, कतरास क्षेत्र, सिजुआ क्षेत्र, कुसुण्डा क्षेत्र, पुटकी बलिहारी क्षेत्र, बस्ताकोला क्षेत्र, पूर्वी झरिया क्षेत्र भौंरा ग्रुप, पूर्वी झरिया क्षेत्र सुदामडीह ग्रुप, पश्चिमी वाशरी जोन, मुख्यालय क्षेत्र में भव्यता के साथ वलिदान दिवस मनाया गया।

वहीं कुसुण्डा क्षेत्र में अ.भा.ख. म. संघ के मंत्री के०के० सिंह के नेतृत्व में वलिदान दिवस मनाया गया। उन्होनें कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। जहाँ वे क्रांतिकारी आंदोलन के बारे में समाचार साझा करते थे और इस वजह से उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा। स्वतंत्रता आंदोलनों से जुड़े दंगों में घायल होने के बाद 25 मार्च 1931 को कानपुर में उनकी मृत्यु हो गई। इसी कारण हर साल 25 मार्च को उन्हें बलिदान दिवस के रूप में श्रद्धांजलि दी जाती है। सभा में सत्यनारायण यादव, कन्हैया सिंह, सतेन्द्र दांगी सहित क्षेत्रीय प्रभारी, क्षेत्रीय एवं शाखा पदाधिकारी उपस्थित थे।

NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

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