धनबाद(DHANBAD):धनबाद विधायक राज सिन्हा ने झारखंड विधानसभा में नगर विकास विभाग के बजट पर कटौती प्रस्ताव के पक्ष में दृढता से अपनी बातों को रखते हुए कहा कि, इस सरकार के पिछले 5 वर्षों में 2019 में प्रथम वर्ष जब यह झारखंड में झामुमो कांग्रेस एवम राजद की गठबंधन की सरकार आई तब बार-बार यही कहती थी कि हमारा खजाना खाली है.यह कहते-रहते सरकार ने कार्यकाल समाप्त कर दिया.दूसरे वर्ष कोरोना का बहाना बनाकर दो वर्ष बिना जनहित के कार्य के ही गुजार दिये गए. तंज कसते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि हालांकि कोरोना काल में इस सरकार के तमाम लोगों ने चांदी काटी है .उसके बाद राजनीतिक अस्थिरता का बहाना इस सरकार ने बनाया.चुनाव के वर्ष में भी इस सरकार की कोई उपलब्धि नहीं रही.केवल भ्रम का वातावरण तैयार किया गया चुनाव के बाद 65 लाख महिलाओं को रजिस्टर कर महिलाओं को एक-एक हजार दिया गया.बाद में वह आंकड़ा 65 लाख से मात्र 20 लाख ही रह गया.
विधायक सिन्हा ने धनबाद अंचल कार्यालय में मइयाँ सम्मान योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन मारपीट मारामारी की घटना का जिक्र किया एवं महिलाओं को होने वाली परेशानी का जिक्र किया.कहा यह तो मैया का सम्मान नहीं हुआ.
विधायक सिन्हा ने नगर विकास के कटौती प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि देखा जाए तो नगर विकास मंत्रालय ग्रामीण कृषि की अर्थव्यवस्था की निर्भरता नगरीय एवं शहरी क्षेत्र पर होती है लेकिन कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशीलता प्रदान करने के लिए शहरी क्षेत्र का विकास अत्यंत जरूरी है.
विधायक सिन्हा ने धनबाद के अति महत्वपूर्ण 38 सड़कों का मामला जो एसीबी जांच के नाम पर रुकी हुई है, का मामला भी उठाया एवं अविलंब रोक हटा उन सड़कों का निर्माण कराये जाने की मांग की.
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

