पीएम मोदी का लेक्स फ्रिडमैन के साथ पॉडकास्ट अब 10 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध…

पीएम मोदी का लेक्स फ्रिडमैन के साथ पॉडकास्ट अब 10 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध…

पीएम मोदी का हाल ही में लोकप्रिय अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ पॉडकास्ट अब 10 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है। पीएम मोदी ने रविवार को लोगों से इस पॉडकास्ट को सुनने की अपील की और कहा कि इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बातचीत को पहुंचाना है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हाल ही में लेक्स फ्रिडमैन के साथ किया गया पॉडकास्ट अब कई भाषाओं में उपलब्ध है। इसका मकसद बातचीत को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाना है। जरूर सुनें।” इस पॉडकास्ट के अनुवाद दूरदर्शन ने अपनी विभिन्न क्षेत्रीय भाषा चैनलों पर पोस्ट किए हैं। अब यह एपिसोड गुजराती, तेलुगु, पंजाबी, बंगाली, कन्नड़, मराठी, असमिया, ओडिया, तमिल और मलयालम में भी सुना जा सकता है।

यह पॉडकास्ट 16 मार्च को यूट्यूब पर अपलोड किया गया था, जिसमें पीएम मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्रिकेट, फुटबॉल, चीन, अमेरिका, पाकिस्तान और अपने शुरुआती जीवन सहित कई मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। पीएम मोदी ने भारत में चुनावी प्रक्रिया का जिक्र करते हुए बताया कि 2024 लोकसभा चुनाव में 98 करोड़ लोगों ने मतदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। यह संख्या उत्तर अमेरिका और यूरोपियन यूनियन की कुल जनसंख्या से भी अधिक है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को यह सुनना चाहिए। 2024 के आम चुनाव में 980 मिलियन (98 करोड़) पंजीकृत मतदाता थे, जिनके पास वैध आईडी और सभी आवश्यक जानकारी थी।”

पीएम मोदी ने चुनाव में लोगों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए बताया कि दूरदराज के गांवों में भी मतदान केंद्र बनाए गए थे। उन्होंने उदाहरण दिया कि गुजरात के गिर जंगल में सिर्फ एक मतदाता के लिए पोलिंग बूथ बनाया गया था, जहां हेलीकॉप्टर के जरिए मतदान दल को पहुंचाया गया।

पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की देशभक्ति और उनके अटूट समर्पण की सराहना की। उन्होंने ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति और अपनी “इंडिया फर्स्ट” नीति में समानता बताते हुए कहा कि दोनों ही नेता अपने देशहित को सर्वोपरि रखते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की नीतियों में भरोसा सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ जाति, धर्म या विचारधारा के भेदभाव के बिना सभी जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाना चाहिए।

NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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