धनबाद(DHANBAD):झारखंड सरकार द्वारा शुरू की गई “मईया समान योजना” के तहत महिलाओं को ₹2500 प्रतिमाह देने की घोषणा की गई थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने इस योजना से 30 लाख से अधिक महिलाओं के नाम हटा दिए। इस अन्याय के खिलाफ राज्यभर में महिलाएं सड़कों पर उतरकर विरोध कर रही हैं और सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही हैं।
आज झारखंड विधानसभा में बाघमारा के विधायक श्री शत्रुघ्न महतो ने इस गंभीर मुद्दे को सदन में जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से सवाल किया कि आखिर किन आधारों पर 30 लाख महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया? जब सरकार ने इस योजना की घोषणा की थी, तो अब गरीब महिलाओं को उनके हक से वंचित क्यों किया जा रहा है? उन्होंने सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की और कहा कि अगर महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिला, तो जनता इसका करारा जवाब देगी।
राज्य के विभिन्न जिलों और प्रखंडों में महिलाएं सरकार की इस अनदेखी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि सरकार ने चुनाव से पहले झूठे वादे किए और अब उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया, जिससे उनके आर्थिक संकट और बढ़ गए हैं। विधायक शत्रुघ्न महतो ने कहा कि यह गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। अगर सरकार जल्द ही इस गलती को सुधारते हुए सभी पात्र महिलाओं को योजना में शामिल नहीं करती, तो इस अन्याय के खिलाफ एक बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
विधायक महतो ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सभी पात्र महिलाओं को योजना में शामिल नहीं किया गया तो वे एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहें। उन्होंने सरकार से इस योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की, जिन्होंने यह गड़बड़ी की है। जब तक मईया समान योजना का लाभ हर पात्र महिला को नहीं मिलेगा, तब तक वे इस संघर्ष को जारी रखेंगे।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

