प्रधानखंता रेल ओवर ब्रिज में पांच वर्षों में ही दरारें…

प्रधानखंता रेल ओवर ब्रिज में पांच वर्षों में ही दरारें…

धनबाद(DHANBAD) : बलियापुर-गोविंदपुर सड़क पर बने प्रधानखंता रेल ओवर ब्रिज में महज पांच वर्षों में ही दरारें आ गई हैं, जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। मंगलवार को धनबाद जिला प्रशासन की एक टीम ने ओवर ब्रिज का निरीक्षण किया।

निरीक्षण दल में एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) पीयूष सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी राजेश कुमार, बलियापुर अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह सहित कई अभियंता एवं अन्य अधिकारी शामिल थे।

तीन पिलरों में बड़ी दरारें, दो में बढ़ रहा नुकसान

जांच टीम के अनुसार, ओवर ब्रिज के तीन पिलरों में गंभीर दरारें देखी गई हैं, जबकि दो अन्य पिलरों में भी दरारें बढ़ रही हैं। इससे भविष्य में दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई जा सकती है।

2021 में हुआ था निर्माण कार्य पूरा

प्रधानखंता रेल ओवर ब्रिज का निर्माण लगभग तीन वर्षों में पूरा हुआ था और 2021 में इसे यातायात के लिए खोला गया था। लेकिन महज पांच वर्षों में ही पुल की यह स्थिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

संवेदक की कार्यशैली पर उठे सवाल

पुल के निर्माण में हुए संभावित अनियमितताओं की भी जांच की जाएगी। प्रशासन जल्द ही संवेदक और निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी तय कर सकता है।

भारी वाहनों के लिए लग सकती है रोक

ब्रिज की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में भारी वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि समस्या के समाधान के लिए जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे।

NEWSANP के लिए धनबाद से ब्यूरो रिपोर्ट

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