बोकारो(BOKARO) : झारखंड सरकार की चुप्पी और बीएसएल की मनमानी की वजह से जल संसाधन विभाग को करोड़ों रुपए का राजस्व का घाटा उठाना पड़ रहा है. लेकिन ना ही जिला प्रशासन और और ना ही विभाग की तरफ से बीएसएल के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है. दरअसल बोकारो स्टील की स्थापना के समय ही बीएसएल की तरफ से गरगा नदी पर बिना राज्य सरकार की अनुमति के ही डैम का निर्माण कर लिया गया. इसके लिए राज सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी तक भी नहीं ली गयी थी. बीएसएनएल ने बड़ी चालाकी से गरगा डैम बनाने की अनुमति डीवीसी से ली. जबकि डीवीसी का ना तो गरगा नदी पर मालिकाना हक है और ना ही वहां आसपास के किसी क्षेत्र पर.
बीएसएल ने डैम भी बनाया और वसूली भी की, डीसी अमिताभ कौशल ने लगाया था जुर्माना
बात यहीं खत्म नहीं होती है, डैम का निर्माण करने के बाद सालों तक बोकारो स्टील लिमिटेड ने राज्य सरकार को उसकी ही जमीन पर बने डैम के पानी को बेचा. बीएसएल ने झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण जियाडा और बोकारो जिला प्रशासन को लगातार पानी बेचता रहा, जो की पूरी तरह से गलत था. इस पूरी कहानी में मोड़ तब आया जब 2011 में डॉ. अमिताभ कौशल बोकारो के डीसी बने. उन्होंने पूरे मामले की जांच करायी और बोकारो स्टील प्रबंधन से संबंधित दस्तावेज मांगा. लेकिन सेल प्रबंधन कोई भी वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कर सका. इसके बाद तत्कालीन बोकारो डीसी ने बोकारो स्टील लिमिटेड पर लगभग ₹400 करोड़ का जुर्माना लगाया. लेकिन प्रबंधन की तरफ से राशि नहीं दी गयी. वर्तमान में यह राशि करीब 600 करोड़ हो चुकी है.
अब बीएसएल प्रबंधन ने रेलवे को बेच रहा है पानी
जैसे ही तत्कालीन डीसी डॉ. अमिताभ कौशल ने बोकारो स्टील सिटी पर जुर्माना लगाया, वैसे ही बोकारो स्टील प्रबंधन ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. मामला अभी हाईकोर्ट में ही लंबित है. वहीं दूसरी तरफ बिना किसी सरकारी अनुमति के गरगा डैम का संचालन बोकारो स्टील लिमिटेड ने रेलवे को सौंप दिया. जिससे जल संसाधन को मिलने वाला राजस्व सीधे बोकारो स्टील लिमिटेड को मिल रहा है. अब यह डैम पूरी तरह से रेलवे और बोकारो स्टील लिमिटेड के अधिकारों के नियंत्रण में चलाया जा रहा है. इससे झारखंड सरकार के जल संसाधन विभाग को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है.
झामुमो के केंद्रीय सदस्य ने की है विभाग से कार्रवाई की मांग
बीएसएल के इस तरह की मनमानी की खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग के मंत्री, सचिव और बोकारो डीसी को शिकायत की गयी है. शिकायत बोकारो जिला के झामुमो के केंद्रीय सदस्य मंटू यादव ने की है. इस बाबात उन्होंने सभी को एक आवेदन दिया है. आवेदन में उन्होंने साफ तौर से कहा है कि बीएसएल प्रबंधन की तरफ से गरगा डैम मामले में मनमानी की जा रही है. बिना किसी अनुमति के रेलवे को पानी बेचा जा रहा है. इतना ही नहीं, रेलवे की तरफ से गरगा डैम के आस-पास काफी गंगदी फैलायी जा रही है. उन्होंने गरगा डैम के आस-पास होने वाले पर्यावरण संकट से भी सभी को आगाह किया है. उन्होंने अपने आवेदन में कहा है कि गरगा डैम का पानी आस-पास के लोगों को मिलना चाहिए और रेलवे और बीएसएल के अधिकारियों पर केस दर्ज होने चाहिए. अब देखने वाली बात होगी कि सराकर की तरफ से इस मामले में क्या किया जाएगा.
NEWSANP के लिए बोकारो से ब्यूरो रिपोर्ट

