रघुवर दास के हाथ से क्यों फिसल रही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी…

रघुवर दास के हाथ से क्यों फिसल रही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी…

धनबाद(DHANBAD) : झारखंड में भाजपा फिलहाल अपने बुरे दौर से गुजर रही है. इस बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष चुन लिया गया है. ऐसे में भाजपा में एक नेता, एक पद के सिद्धांत की वजह से अब बाबूलाल मरांडी की जगह किसी दूसरे को प्रदेश अध्यक्ष चुना जाएगा. संभावना है कि यह सब अगले महीने की समाप्ति तक हो जाएगा. इधर, जैसे-जैसे समय बीत रहा है, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के दावेदारों की संख्या भी बढ़ रही है. क्योंकि नेता प्रतिपक्ष का पद आदिवासी नेता को दिया गया है. इसलिए संभावना बढ़ गई है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कोई गैर आदिवासी ही होगा.

10 जनवरी को रघुवर दास ने दूसरी बार सदस्यता ग्रहण की थी

वैसे, तो झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास जब 10 जनवरी को दूसरी बार भाजपा की सदस्यता ग्रहण की, तो चर्चा तेज थी कि प्रदेश अध्यक्ष रघुवर दास बनाए जा सकते है. और इसकी घोषणा जल्द कर दी जा सकती है. लेकिन यह मामला फाइनल नहीं हो सका. इस बीच किरकिरी होने के बाद ही सही, भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष को फाइनल कर दिया और बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष बना दिया गया है. अब जानकारी निकल कर आ रही है कि भाजपा के कम से कम आधा दर्जन गैर आदिवासी नेता रांची से लेकर दिल्ली एक किए हुए है. लॉबिंग कर रहे है. उनके मन में प्रदेश अध्यक्ष बनने की चाहत है. ऐसे लोग लगातार केंद्रीय नेतृत्व के संपर्क में हैं और प्रदेश अध्यक्ष बनने की अपने दावों के आधार के बारे में बता रहे है.

वैसे भी चौंकाने वाले निर्णय के लिए भाजपा विख्यात है

हालांकि अभी भी कहा जा रहा है कि रघुवर दास को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा. लेकिन अपने चौंकाने वाले निर्णय के लिए विख्यात भाजपा कब क्या करेगी, यह तो केवल आलाकमान ही जानते हैं. इसी भरोसे पर झारखंड के अन्य नेता भी लॉबिंग कर रहे हैं और चाह रहे हैं कि प्रदेश अध्यक्ष वह बन जाए. जानकारी के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष के संभावित दावेदारों में सांसद आदित्य प्रसाद साहू, सांसद मनीष जायसवाल, डॉ रविंद्र राय, अमर कुमार बाउरी शामिल है. अन्य नेता भी शामिल हो सकते है. फिलहाल प्रदेश भाजपा में संगठन चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. आगे मंडल स्तर पर अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी. 50% मंडलों में संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होगा.

NEWSANP के लिए धनबाद से ब्यूरो रिपोर्ट

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