
गोमो(GOMO) : बाघमारा थाना क्षेत्र के बड़ा पांडेयडीह तालाब में सोमवार शाम एक हंसते-खेलते घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया! प्रवीण कुमार पांडेय, जो रोज़ की तरह काम से लौटे थे, शाम करीब पांच बजे नहाने के लिए घर से निकले, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि यह उनकी ज़िंदगी की आखिरी शाम होगी!
गांव वालों का कहना है कि प्रवीण पिपरा तालाब की ओर गए थे, लेकिन अचानक तालाब की गहराइयों में समा गए! किसी को भनक तक नहीं लगी कि उनके साथ क्या हुआ। चीखें तक नहीं सुनाई दीं… बस मौत की खामोशी ने उन्हें घेर लिया!
जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटे, तो परिजन और ग्रामीण बेचैनी से उनकी तलाश करने लगे। तालाब के किनारे उनकी चप्पल और गमछा पड़े मिले, जिसे देखते ही घरवालों की रूह कांप उठी। घबराए लोगों ने तालाब में तलाश शुरू की, और फिर जो मंजर सामने आया, उसने सबकी रूह कंपा दी!
तालाब की गहराइयों में छिपी थी एक दिल दहला देने वाली सच्चाई! कड़ी मशक्कत के बाद जब लोगों ने उन्हें पानी से बाहर निकाला, तो उनका निर्जीव शरीर देख वहां मातम पसर गया। कोई चिल्ला रहा था, कोई बेहोश हो रहा था… हर ओर सिर्फ आंसू और चीख-पुकार थी।
डुमरा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने हाथ जोड़ लिए… “अब कुछ नहीं किया जा सकता!” सुनते ही परिवार पर मानो आसमानी बिजली गिर पड़ी। पत्नी की दिल दहला देने वाली चीखों ने सबको झकझोर कर रख दिया।
NEWSANP के लिए गोमो से सबिता बर्नवाल की रिपोर्ट

