CDS: जनरल अनिल चौहान बोले- भविष्य के युद्ध परिणाम तय करेगी तकनीकी, मानव और मशीनों के बीच मुकाबला संभव…

CDS: जनरल अनिल चौहान बोले- भविष्य के युद्ध परिणाम तय करेगी तकनीकी, मानव और मशीनों के बीच मुकाबला संभव…

नई दिल्ली(NEW DELHI):चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने शुक्रवार कहा कि भविष्य के युद्ध के परिणाम तय करने में तेज नेटवर्क, डिजिटल प्रणाली और तकनीकी अहम भूमिका निभाएगी। जनरल चौहान यहां चाणक्य संवाद सम्मेलन में ‘भारत 2047: युद्ध में आत्मनिर्भरता’ विषय पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होने कहा कि डाटा केंद्रित युद्ध में नेटवर्क सुरक्षा, डाटा प्रवाह में देरी, आर्टिफिशियल इंटलिजेंस का उपयोग और डाटा संग्रहण और विश्लेषण शामिल हैं।

तकनीक आधारित युद्ध की ओर बढ़ना चाहती है सेना
रोबोटिक्स और ऑटोमेशन के ट्रेंड का जिक्र करते हुए जनरल चौहान ने कहा कि यह भविष्य में इंसानों और मशीनों के बीच युद्ध की संभावना पेश करता है। भारतीय सेना भविष्य में डाटा केंद्रित और तकनीकी आधारित युद्ध की ओर बढ़ना चाहती है।

थिएटर कमान की अवधारणा पर क्या बोले सीडीएस
सीडीएस ने थिएटर कमान की अवधारणा को समझाते हुए बताया कि यह सैनिकों की तैयारी और उनके उपयोग को अलग करने का प्रयास है। अब तक दोनों जिम्मेदारियों सेवा मुख्यालय या सेवा प्रमुखों के पास थीं। वह भर्ती, प्रशिक्षण, उपकरण अधिग्रहण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार थे। तो सैनिकों की तैयारी और उनके उपयोग की जिम्मेदारी एक की ही थी। अब हम इसे अलग करने की कोशिश कर रहे हैं। हम थिएटर कमांडर नियुक्त कर रहे हैं, जो कई क्षेत्रों में अभियानों को संभाल संके, जिसमें अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र का समर्थन भी शामिल है।

‘ड्रोन तकनीकी में प्रगति से बढ़ेगी युद्ध की गति’
जनरल चौहान ने कहा कि अन्य देशों को थिएटर कमान को लागू करने में बहुत समया लगा, जबकि भारत निचले स्तर से उच्त स्तर की प्रक्रिया अपना रहा है, जिससे प्रक्रिया तेजी से हो रही है। उन्होंने कहा, हमारा ही एकमात्र देश है जो निचले स्तर से उच्च स्तर तक के दृष्टिकोण को अपनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, भविष्य के युद्धों में डाटा का विश्लेषण करके तेज और सही निर्णय लेने की क्षमता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीकी में प्रगति से युद्ध की गति भी बढ़ सकती है।

सीडीएस ने कहा, आपके पास कई प्रकार के हथियार हो सकते हैं, जो छोटे से बड़े आकार के हो सकते हैं और धीमी से तेज गति से चल सकते हैं। इन सभी को बुद्धिमानी से नियंत्रित किया जा सकता है, क्योंकि ये लगभग अदृश्य और अज्ञात होते हैं, इनको निशाना बनाना काफी मुश्किल है।

NEWSANP के लिए नई दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट

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