डोनाल्ड ट्रंप के गाजा प्लान से अरब वर्ल्ड में हलचल, मोहम्मद बिन सलमान ने बुलाई बैठक, करेंगे ठोस ऐलान?

डोनाल्ड ट्रंप के गाजा प्लान से अरब वर्ल्ड में हलचल, मोहम्मद बिन सलमान ने बुलाई बैठक, करेंगे ठोस ऐलान?

रियाद: अरब देशों के नेता गाजा के मुद्दे पर सऊदी अरब में अहम बैठक कर रहे हैं। शुक्रवार को हो रही इस बैठक में मिस्र और जॉर्डन समेत कई खाड़ी देशों के नेता शामिल होंगे। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अरब देशों के नेताओं को मीटिंग के लिए रियाद में आमंत्रित किया है। बैठक में गाजा पर शासन और इसके पुनर्निर्माण के लिए धन जुटाने पर चर्चा होनी है। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा पट्टी पर नियंत्रण और वहां से लोगों को निकालने की योजना का मुकाबला करने पर भी बातचीत होगी, जिसने पूरी अरब दुनिया में हलचल पैदा की है। सऊदी मीडिया ने बताया है कि यह एक अनौपचारिक बैठक है।

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप की गाजा के बारे में योजना ने अरब राज्यों को विरोध में एकजुट किया है। इस बात पर अरब मुल्कों में असहमति है कि एन्क्लेव पर किसका शासन होना चाहिए और इसके पुनर्निर्माण के लिए धन कैसे जुटाया जाए लेकिन गाजा के लोगों को यहां से बेदखल करने के खिलाफ सभी एकजुट दिख रहे हैं। अरब देशों के सामने ट्रंप के बयान ने एक मुश्किल पैदा कर दी है।

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप की गाजा के बारे में योजना ने अरब राज्यों को विरोध में एकजुट किया है। इस बात पर अरब मुल्कों में असहमति है कि एन्क्लेव पर किसका शासन होना चाहिए और इसके पुनर्निर्माण के लिए धन कैसे जुटाया जाए लेकिन गाजा के लोगों को यहां से बेदखल करने के खिलाफ सभी एकजुट दिख रहे हैं। अरब देशों के सामने ट्रंप के बयान ने एक मुश्किल पैदा कर दी है।

गाजा पर फैसला लेंगे अरब देश!
सऊदी विदेश नीति के विशेषज्ञ उमर करीम ने बैठक को अरब जगत और फिलिस्तीनी मुद्दे के लिए महत्वपूर्ण बताया है। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि गाजा के पुनर्निर्माण में 53 अरब डॉलर से अधिक खर्च होंगे, जिसमें पहले तीन वर्षों में 20 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च होगा। यह बैठक इस मुद्दे को संबोधित करेगी कि पुनर्निर्माण के लिए धन कैसे जुटाया जाए।

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यह प्रस्ताव देकर अरब दुनिया में आक्रोश फैला दिया है कि गाजा पट्टी से उसके 24 लाख लोगों को पड़ोसी मिस्र और जॉर्डन में भेज दिया जाएगा। इसका दुनिया के ज्यादातर देशों ने विरोध किया है। अरब देश चाहते हैं कि ट्रंप के इस प्लान का मजबूती से जवाब दिया जाए ताकि गाजा को खाली करने की योजना को रोका जा सके।

जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने इसी महीने डोनाल्ड ट्रंप से अपनी मुलाकात में कहा था कि गाजा पर जल्दी ही बेहतर फैसला लिया जाएगा। मिस्र से भी इस पर प्लान तैयार करने का संकेत दिया है। मिस्र के पूर्व राजनयिक मोहम्मद हेगाजी ने बताया है कि तीन से पांच साल की अवधि में तीन तकनीकी चरणों में चलने वाली एक योजना की रूपरेखा तैयार की गई है। ऐसे में यह बैठक फिलिस्तीनी मुद्दे के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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