विश्व रेडियो दिवस पर पीएम मोदी ने दीं शुभकामनाएं, कहा – रेडियो लोगों को जोड़ने का सशक्त माध्यम…

विश्व रेडियो दिवस पर पीएम मोदी ने दीं शुभकामनाएं, कहा – रेडियो लोगों को जोड़ने का सशक्त माध्यम…

नई दिल्ली(NEW DELHI): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि “रेडियो एक सशक्त माध्यम है जो दुनिया भर के लोगों को जोड़ता है। यह जानकारी देने, प्रेरित करने और मनोरंजन का एक अनोखा जरिया है।” उन्होंने रेडियो के माध्यम से समाचार, संस्कृति, संगीत और कहानियों के प्रसार की सराहना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि वे उनके लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के लिए अपने सुझाव भेजें। यह कार्यक्रम 23 फरवरी को प्रसारित होगा। गौरतलब है कि “मन की बात” 2014 में शुरू हुआ था। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी समाज और देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करते हैं और जनता की राय को महत्व देते हैं।

गौरतलब है कि रेडियो का आविष्कार 19वीं सदी के अंत में हुआ था और यह दुनिया भर में सूचना के आदान-प्रदान का एक मजबूत माध्यम बन गया। भारत में रेडियो 20वीं सदी की शुरुआत में आया और तब से यह समाचार, शिक्षा और मनोरंजन के लिए एक भरोसेमंद साधन बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNESCO ने 2011 में विश्व रेडियो दिवस मनाने की घोषणा की थी और 2012 में इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मान्यता दी। पहली बार यह दिवस 13 फरवरी को मनाया गया था।

भले ही आज टीवी और स्मार्टफोन का जमाना है लेकिन रेडियो की लोकप्रियता अभी भी बनी हुई है। यह आपातकालीन परिस्थितियों में भी सूचना का भरोसेमंद स्रोत होता है। वहीं प्राकृतिक आपदाओं या संकट के समय रेडियो त्वरित और सटीक जानकारी देने में अहम भूमिका निभाता है।

इसके अलावा, कम्युनिटी रेडियो समाज के कमजोर वर्गों की आवाज को आगे बढ़ाने का काम करता है। यह जलवायु परिवर्तन, सामाजिक जागरूकता और विकास से जुड़े मुद्दों पर लोगों को शिक्षित करता है। विश्व रेडियो दिवस हमें याद दिलाता है कि रेडियो सिर्फ एक माध्यम नहीं बल्कि संस्कृतियों और समुदायों को जोड़ने वाला एक सेतु है। यह आज भी लाखों लोगों के लिए सूचना, शिक्षा और मनोरंजन का सबसे विश्वसनीय जरिया बना हुआ है।

NEWSANP के लिए नई दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *