रांची(RANCHI) : फौजी मनोहर टोपनों को जब यह लगने लगा कि बुधराम मुंडा के जीते जी वह 18 डिसमिल जमीन पर पोजीशन नहीं ले पायेगा, तब उसने खतरनाक प्लानिंग बना ली। पहले से तय प्लानिंग के अनुसार वह जम्मू गया।
जम्मू से AK 47 लेकर दिल्ली, दिल्ली से मुजजफपुर और फिर रांची पहुंचा। वह रांची के इटकी थाना क्षेत्र के चिनारों पुरियों गांव का रहनेवाला है। वह अपने आर्मी यूनिट से AK 47 चुराकर लाया था। बीते 4 फरवरी की रात नगड़ी के कतरपा गांव में मूर्ति विसर्जन के समय उसने बुधराम मुंडा को गोली मार दी थी। बीच-बचाव करने आये मनोज कच्छप को भी नहीं बख्शा और उसे भी शूट कर दिया।
इस डबल मर्डर के बाद खूब बवाल हुआ। दूसरे दिन घंटों रोड जाम किया गया। मारे गये बुधराम की पत्नी भांति कुमारी से पुलिस को हत्यारों के बारे में कुछ क्लू मिला। फौजी मनोहर टोपनों ने बुधराम के बड़े भाई भानिचरा मुंडा से 36 डिसमिल जमीन खरीदने का सौदा किया था। उसने बतौर एडवांस 4 लाख रुपये दे भी दिये थे। इस बीच भानिचरा मुंडा की मौत हो गई। भाई के मरते ही बुधराम 36 डिसमिल जमीन की जगह 18 डिसमिल जमीन देने को ही राजी हुआ। इसको लेकर ही गुजरे 8-9 साल से ही दोनों में किचकिच हो रहा था, अचानक बुधराम का मन बदला और वह यह जमीन किसी दूसरे को बेचने का मन बनाने लगा।
इसके बाद ही मनोहर ने बुधराम को रास्ते से हटाने का मन बनाया और यह बड़ा कांड कर गया। इस कांड में उसका साथ सुनील कच्छप और निर्मल मुंडा उर्फ अमर ने भी दिया। इसमें मनोहर और सुनील अरेस्ट कर लिए गये हैं। बाकी की तलाश जारी है। जिस हथियार से गोली मारी गयी वह AK47 बह बरामद कर ली गई है। इस बात का खुलासा आज रांची पुलिस कप्तान चंदन कुमार सिन्हा ने मीडिया के सामने किया। सुनें क्या बोले SSP.
NEWSANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

