पटना(PATNA): बीपीएससी के चयनित करीब 18 अधिकारी जांच के घेरे में हैं। इन अधिकारियों की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा की आशंका ईओयू को है। मामला तब सामने आया जब 67वीं बीपीएससी पेपर लीक की जांच आगे बढ़ी और डीएसपी रंजीत रजक गिरफ्तार हुए। बीपीएससी से चयनित करीब 18 अधिकारियों पर संदेह हुआ। इन अधिकारियों से पूछताछ हुई…
ईओयू ने 53वीं से 55वीं, 56वीं से 59 वीं और 63वीं समान्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल इन अफसरों के प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट, मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिका व साक्षात्कार में प्राप्त अंक बीपीएससी से मांगे। जांच के बाद ईओयू के अफसरों का शक और बढ़ गया। बीपीएससी से चयनित इन अफसरों की हैंडराइटिंग का नमूना लिया गया है। जिसे अब एफएसएल में जांच के लिए भेजा गया है। एफएसएल की रिपोर्ट के बाद ईओयू गृह विभाग से इन अधिकारियों पर केस चलाने की अनुमति मांगेगी।
हालांकि, सूत्रों की माने तो जब ईओयू के अफसरों ने आरोपितों के मुख्य परीक्षा की कॉपी की जांच की तब चौंक गए। आरोपित अफसरों के उत्तर में काफी समानता थी। मसलन, अगर दो अभ्यर्थी अलग-अलग परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रहे हैं और दोनों के उत्तर देने का क्रम समान है। दोनों ने एक ही शैली में प्रश्नों का उत्तर दिया है। ईओयू के अधिकारी एफएसएल की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद मामले में बड़ी कार्रवाई होगी।
अब जब्त होगी रंजीत रजक की संपत्ति
67 वीं बीपीएससी लीक मामले में गिरफ्तार राजेश 2018 में कृषि विभाग में सहायक के रूप में ज्वाइन किया। राजेश 2012 में एसएससी मामले में जेल जा चुका है। पुलिस ने रंजीत पर केस किया है। 5 अचल संपत्ति के कागजात, 8 बैंक खाते और वित्तीय निवेश के दस्तावेज जब्त हुए हैं। उसकी संपत्ति जब्त होगी।
रिश्तेदारों की लंबी लिस्ट… बीपीएससी अफसर की पत्नी चयनित
67वीं बीपीएससी में ईओयू चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। चार्जशीट को खंगाला गया तब कई परीक्षाओं में भी धांधली की बात सामने आई। ईओयू जांच के क्रम में संदेह के घेरे में आए अधिकारियों का प्रोफाइल भी खंगाला। पता चला कि 56वीं से 59वीं बीपीएससी से चयनित अधिकारी एक आईपीएस अधिकारी का भाई है। 63वीं बीपीएससी से चयनित एक महिला अभ्यर्थी बीपीएससी के एक पदाधिकारी की प|ी है। वहीं, 56वीं से 59वीं की परीक्षा में चयनित एक अभ्यर्थी डीएसपी का बहनोई तो दूसरा डीएसपी का भाई है। इसी फर्जीवाड़ा के दौरान डीएसपी रंजीत रजक के चयन की बात भी ईओयू के सामने आई है। मालूम हो कि जब ईओयू 67वीं बीपीएससी प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच शुरू की तब जांच एजेंसी को कई मेल मिले जिसमें बीपीएससी में हो रही धांधली की पूरी जानकारी थी..
ओएमआर ब्लैंक छुड़वा दीजिएगा, बाद में भरवाकर जमा करा देंगे
67 वीं बीपीएससी प्रश्नपत्र लीक मामले में 9 मई 2022 को ईओयू में केस दर्ज हुआ। जांच के दौरान कृषि विभाग में सहायक व भागलपुर के रहने वाले राजेश कुमार की गिरफ्तारी हुई। राजेश ने अपने बयान में कहा कि उसके गिरोह में अविनाश तूफानी भी है। अविनाश ने राजेश से कहा कि डीएसपी रंजीत रजक से उसका परिचय है। उसने कहा है कि सिपाही बहाली में ओएमआर ब्लैंक छुड़वा दीजिएगा। बाद में भरवाकर काम करवा देंगे। प्रति कैंडीडेट छह से सात लाख रुपए लगेंगे।
चार्जशीटेड होने के बाद भी रंजीत, 53वीं बीपीएससी में बना डीएसपी
तूफानी ने यह भी कहा कि रंजीत रजक का डीएसपी में ऐसे ही हुआ है। तूफानी ने राजेश को रंजीत का भेजा हुआ व्हाट्सएप भी दिखाया। जिसमें रंजीत उसे ब्लैंक और बाद में भरा हुआ ओएमआर शीट भेजा था। 2012 में कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक मामले में रंजीत रजक को गिरफ्तार किया गया था। इनके खिलाफ ईओयू चार्जशीट भी की थी। बाद में रंजीत रजक जमानत पर बाहर आए और 53 वीं बीपीएससी में चयनित हुए और डीएसपी बन गए….
NEWSANP के लिए पटना से ब्यूरो रिपोर्ट

