आसनसोल(ASANSOL): पश्चिम बंगाल आसनसोल वन विभाग को एक बड़ी सफलता हाँथ लगी है, वन विभाग ने गुप्त सुचना के आधार पर नियामतपुर पुलिस फाड़ी अंतर्गत चलबलपुर स्थित गीतांजलि मैरेज हॉल मे छापेमारी कर करीब एक करोड़ से अधिक मूल्य करीब 11 हिरन के सिंघ व पेंगोलीन के सात स्केल यानि की छिलके सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है..
पकड़े गए दोनों लोग झारखंड धनबाद के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान गणेश प्रशाद व सुनील बाउरी के रूप मे हुई है, वन विभाग की अधिकारी तमालिका चंदा की अगर माने तो झारखंड धनबाद के रहने वाले यह दोनों लोग दुर्लभ प्रजाति के इन जीवों के शरीर के अंग की तस्करी करने के फिराक मे थे, जिसके लिये उन्होंने एक योजना बद्ध तरीके से इस स्थान को चुना था..
जिसके बारे मे उनको सुचना मिली और वह अपने अन्य वन विभाग के कर्मियों के साथ मिलकर छापेमारी की और रंगे हाँथ दो तस्करों को दुर्लभ प्रजाति के जानवरों के अंग के साथ गिरफ्तार किया और उन्हें आसनसोल जिला अदालत मे पेस की वन अधिकारी की अगर माने तो चलबलपुर इलाका से महज दस से पंद्रह किलोमीटर की दुरी पर पश्चिम बंगाल और झारखंड का सीमा पड़ता है, यही कारण है की तस्करों ने बंगाल और झारखंड सीमा से कुछ ही दुरी पर मौजूद चलबलपुर इलाके को तस्करी करने अपना सुरक्षित स्थान चुना, जिससे वह दोनों राज्यों मे अपना सम्पर्क बनाए रख सकें और ग्राहक भी असानी से आना -जाना कर सकें वन अधिकारी यह पता लगा रही हैं की पकड़े गए तस्करो के साथ और कौन -कौन लोग शामिल थे और इनका तार कहाँ -कहाँ तक फैला है..
वहीं देश मे तेजी से बढ़ रही इन दुर्लभ प्रजाति के जानवरों व उनके शरीर के अंगों की हो रही तस्करी को लेकर यह बताया जाता है की चिन मे इनका भारी डिमांड है और उनके शरीर व शरीर के अंगों को विभिन्न प्रकार के अशाध्य बीमारी के दवा बनाने मे इस्तेमाल होता है, जिसकी अच्छी खासी क़ीमत भी मिलती है, यही कारण है की ऐसे दुर्लभ प्रजाति के जानवरों की तस्करी काफी बढ़ गई है और तस्कर ऐसे जानवरों की तस्करी के लिये हमेशा अपना स्थान बदलते रहते हैं…
NEWSANP के लिए आसनसोल से अमरदेव की रिपोर्ट

