मंईया सम्मान योजना की पहली किश्त और ये चंद पैसे…

मंईया सम्मान योजना की पहली किश्त और ये चंद पैसे…

रांची(RANCHI ): सियासत के फासले और इसके बिखरते रंग भी बड़ी अजीब हैं. कभी -कभी सियासत ऐसे मोड़ पर ठहरती है कि जाति, मजहब, क्षेत्र और रंग की दीवारे भी दरक जाती है. इसबार झारखण्ड विधानसभा चुनाव में ऐसा ही कुछ हुआ. मंईया सम्मान योजना के 2500 रुपए की मासिक किश्त का डोरा महिला वोटर्स पर डाला गया. जिसमे इंडिया गठबंधन इस जुगत में कामयाब भी हो गई और शासन पर फिर कब्ज़ा भी कर लिए.कुछ दिन पहले 2500 रूपये की पहली किस्त भी डाल दी गई. तमाम अफवाहों की लगी आग भी शांत हो गई, जिन्हें शंका थी की ये पैसे शायद मिले.लेकिन, मिला गया और हेमंत सरकार ने इसका जमकर ढिढोंरा पीटा और अपनी पीठ भी थपथपयी और भाजपा पर तंज भी अच्छे से कस डाला.

6 जनवरी की पहली किश्त में सरकार ने कुल 1,415 करोड़, 44 लाख 77 हजार 500 रूपये हस्तातरित किए.प्रदेश की 56 लाख, 61 हजार,791 महिलाओ के खाते में ये राशि गई. ये एक बड़ी रकम है और हर महीने राज्य की महिलाओं को मिलेगी.सवाल तो यही है कि हर महीने ये राशि तो हेमंत सरकार को देनी है. लेकिन, इसका जुगाड़ कैसे होगा?. अगर अपने बजट को राज्य के विकास के साथ -साथ इसे देने में सफल हुए, तो लाजमी है उनकी और उनके सरकार की एक बड़ी कामयाबी होंगी.हालांकि, भाजपा के प्रदेश प्रमुख बाबूलाल इसे लेकर सवाल उठा रहें है और सरकार का एक धोखा उनकी नजरों में है. कइयों को तो इस योजना का अनवरत चलने पर भी सवाल उठा रहें है. हालांकि, देखा जाए तो हेमंत सोरेन की सरकार के लिए अभी भी तमाम चुनौतीयां राज्य में मौज़ूद है, जिसे इसबार उन्हें पूरा करना है.क्योंकि निगाहें राज्य के अवाम को उन पर टिकी होंगी.

इधर,लाजमी है कि एक बड़ी रकम सरकार की इसमे जाएगी, जबकि पिछले शासन में ये भार उन पर नहीं था.दूसरा पहलू ये देखे तो क्या इन चंद पैसों से राज्य की महिलाओं की तस्वीर और उनकी जिंदगी की तकदीर बन पायेगी?. जब प्याज़, लहसुन , तेल के भाव आसमान छू रहें है. और राज्य कि एक बड़ी आबादी गुरबत में जी रही है. हकीकत ये है कि इस बाजारवाद में हर चिज़ की एक कीमत हो गई है. हां इसे एक सरकारी इमादद और मदद कह सकते है. लेकिन इसके भरोसे जिंदगी की गाड़ी और बेतहाशा अरमान तो कतई पुरे नहीं हो सकते. क्योंकि ये ऊंट के मुँह में जीरे की ही तरह है.

जिंदगी चलाने के लिए कुछ तो करना ही होगा.इस बात को महिलाएं भी समझती-बुझती है.खैर मंईया सम्मान योजना आगे अपना क्या रंग बिखेरती है?..और इससे राज्य की सरकार को कितना फायदा होता है?. ये भी देखना बेहद दिलचस्प होगा. अभी तो राज्य की महिलाएं खुशी से झूम रही है कि नये साल में ये सौगात मिली और हेमंत सरकार ने अपना किया हुआ वायदा पूरा किया है.

NEWSANP के लिए रांची से शिवपूजन सिंह की रिपोर्ट

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