शहरी क्षेत्र के होमगार्ड की बहाली में प्रोफेसर, डॉक्टर व इंजीनियर को प्राथमिकता…

शहरी क्षेत्र के होमगार्ड की बहाली में प्रोफेसर, डॉक्टर व इंजीनियर को प्राथमिकता…

रांची (RANCHI): शहरी क्षेत्र के होमगार्ड की बहाली में प्रोफेसर, डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता को प्राथमिकता दी जायेगी. साथ ही चालक, कंप्यूटर ऑपरेटर, टंकक, बढ़ई, मोची, रसोईया, पनभर, धोबी, नाई, टेलीफोन ऑपरेटर, नर्स, माली, बिजली मिस्त्री, प्लबर को भी प्राथमिकता मिलेगी. उक्त लोगों को तकनीकी रूप से योग्य माना गया है. इस संबंध में झारखंड होमगार्ड बहाली को लेकर नियमावली-2014 को मंजूरी दे दी गयी है. इससे संबंधित गजट 23 दिसंबर को गृह विभाग ने प्रकाशित कर दिया है, इससे पहले 20 अक्तूबर 2014 को इस संबंध में गृह विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गयी थी, ऐसे में अब गजट के अनुरूप ही…

मृत होमगार्ड के आश्रितों को भी अनुकंपा पर मिलेगी नौकरी

15 नवंबर 2000 से लेकर झारखंड गृह रक्षक (स्वयंसेवक) नियमावली-2014 के लागू होने के पूर्व कर्तव्य के दौरान मृत होमगार्ड के आश्रितों को भी अनुकंपा के आधार नौकरी मिलेगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कैबिनेट के लिए भेजा दिया है. प्रस्ताव के अनुसार, मानवीय आधार पर एवं विशेष परिस्थिति में नियमों को शिथिल करते हुए अनुकंपा के आधार पर वन टाइम व्यवस्था के तहत होमगार्ड के रूप में नियुक्ति के प्रस्ताव पर सहमति दी गयी है…

बहाली होगी. शहरी क्षेत्र में प्रत्येक स् एक लाख की जनसंख्या पर पर 100 के गृहरक्षकों की एक कंपनी बनेगी, वि जिसमें 50 प्रतिशत तकनीकी दक्षता के होंगे. नामांकन में सरकारी सेवकों को शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अलग-अलग अंक दिये जायेंगे…

NEWSANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

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