झारखंड(JHARKHAND): CM हेमंत सोरेन ने आला अधिकारियों से कहा कि व्यवस्था ऐसी हो, जिससे बेहतर परिणाम सामने आ सके। राज्यवासियों की समस्याओं और शिकायतों के निवारण में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाये और पूरी निष्पक्षता के साथ जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी करें। CM ने राजस्व संग्रहण और इजाफा करने में तेजी लाने का निर्देश संबंधित विभागों को दिया। राजस्व संग्रहण का जो लक्ष्य तय है, उसे हर हाल में पूरा किया जाना चाहिये। वहीं, राजस्व बढ़ोतरी को लेकर नये स्रोत की संभावनाएं तलाशें। इस दिशा में राजस्व से संबंधित विभागों के बीच समन्वय को लेकर एक सिस्टम तैयार करें। CM ने वाणिज्य कर विभाग के तहत फर्जी निबंधन और इनवॉइस को चिन्हित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस दौरान अधिकारियों ने अब तक राजस्व वसूली से संबंधित जानकारी से CM को अवगत कराया..
CM हेमंत सोरेन आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राजस्व संग्रहण, 28 दिसंबर को आयोजित होने वाले झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना कार्यक्रम की तैयारियों एवं JSCC की सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा -2023 के विषय पर आला पदाधिकारियों के साथ आज उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर रहे थे।महिला लाभुकों की सहूलियत का पूरा ख्याल रखेंCM हेमंत सोरेन ने कहा कि 28 दिसंबर को रांची के नामकुम में आयोजित होने वाले झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना कार्यक्रम में राज्यभर की महिला लाभुक शामिल होगी। ऐसे में उन्हें किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाना चाहिये। इस कार्यक्रम में सभी लाभुकों को प्रति माह अब 2500 रुपये की सम्मान राशि DBT के माध्यम से हस्तांतरित की जायेगीजेएसएससी- सीजीएल परीक्षा से जुड़े मामले की जांच जल्द पूरी करेंCM हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड हाई कोर्ट द्वारा JSSC की सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा -2023 से जुड़े विवादों को लेकर दर्ज मामले में जो निर्देश दिये गये हैं, उसके अनुरूप पूरी निष्पक्षता के साथ जांच पूरी कर रिपोर्ट सुपुर्द करें..
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान परीक्षा आयोजन के दौरान हुई गड़बड़ियों तथा मिली शिकायतों और परीक्षा परिणाम के बाद हुये विवाद एवं हंगामें की भी जांच हो और इसमें जो भी दोषी हों, उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिये।ऑनलाइन मोड में प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित करने की दिशा में आगे बढ़ेCM हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में नियुक्तियों को लेकर आयोजित होने वाली प्रतियोगिता परीक्षाओं में गड़बड़ियों की कोई गुंजाइश न हो, इस दिशा में ऑनलाइन मोड में परीक्षा आयोजित करने की दिशा में आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) माध्यम से परीक्षा लेने पर काफी हद तक पेपर लीक जैसे मामलों को नियंत्रित किया जा सकता है। वहीं, ऑफलाइन परीक्षा आयोजन को लेकर होने वाली परेशानियों के साथ समय की भी बचत होगी।महिला हिंसा और अत्याचार को लेकर दिया अहम आदेश CM हेमंत सोरेन ने पोक्सो एक्ट, महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा, अत्याचार एवं यौन उत्पीड़न, ह्यूमन ट्रैफिकिंग और पलायन जैसे मामलों की समीक्षा करते हुये अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिये। स्कूल कॉलेज में अवेयरनेस कैंपेन चलाये जायें। शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी पुलिस की सघन पेट्रोलिंग होनी चाहिये ..
वहीं, इस तरह के मामलों में जो भी शिकायतें और प्राथमिकी दर्ज होती है, उसकी पूरी निष्पक्षता के जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। राज्य से होने वाले पलायन के मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था होनी चाहिये। एक ऐसी व्यवस्था हो, जहां पलायन करने वाले स्वेच्छा से अपने को निबंधित करा सकें और उन्हें सरकार की योजनाओं का भी लाभ देना सुनिश्चित करें। CM ने कहा कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित सर्विसेज और हेल्पलाइन नंबर के लिए राज्य स्तर पर इंटीग्रेटेड एप्प बनाया जाये। इस एप्प का व्यापक प्रचार प्रसार भी हो ताकि लोगों को इसकी जानकारी मिले और वे इसका लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि महिला हिंसा से जुड़े मामलों में दर्ज शिकायतों और उसपर हुई कार्रवाई की हर महीने रिपोर्ट तैयार होनी चाहिये।भ्रष्टाचारियों को दंडित करेंः हेमंत सोरेनCM हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में जमीन विवाद से जुड़ी कई शिकायत लगातार सामने आ रही है। विशेष कर अंचल कार्यालयों में दाखिल-खारिज के नाम पर भ्रष्टाचार का बोलबाला है..
इस पर नियंत्रण करने के लिए ठोस कदम उठाये जायें। इसमें शामिल अधिकारियों, कर्मियों के साथ जमीन दलालों के खिलाफ कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जमीनों के डिजिटाइजेशन को लेकर भी काफी शिकायतें मिल रही हैं। जमीन दलालों द्वारा बड़े स्तर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिये जमीनों की हेरा फेरी की जा रही है। इससे जमीन से जुड़े विवाद बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। अगर समय रहते इस पर काबू नहीं किया गया तो यह भविष्य में बड़ा खतरा बन सकता है..
इसे रोकने की दिशा में सभी संभावित कदम उठाये जायें।उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता, प्रधान सचिव सुनील कुमार, सचिव प्रशांत कुमार, सचिव अमिताभ कौशल, सचिव चंद्रशेखर, सचिव जितेंद्र सिंह, सचिव कृपा नंद झा, सचिव मनोज कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक सुमन गुप्ता, दक्षिणी छोटानागपुर के प्रमंडलीय आयुक्त अंजनी कुमार मिश्रा, रांची प्रक्षेत्र के DIG अनूप बिरथरे, DIG संध्या मेहता, सूडा निदेशक अमित कुमार, SP वायरलेस हरविंदर सिंह, अपर महाधिवक्ता आशुतोष आनंद और रांची के उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी तथा ट्रैफिक एसपी मौजूद थे..
NEWSANP के लिए झारखंड से ब्यूरो रिपोर्ट

