रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री क्यों पहुंचे सुप्रीम कोर्ट? जानें पूरा मामला…

रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री क्यों पहुंचे सुप्रीम कोर्ट? जानें पूरा मामला…

रांची(RANCHI): रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दायर करके झारखंड हाइकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है. उन्होंने अपनी याचिका में हाइकोर्ट के आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया है…

सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध नहीं हुई है याचिका

मंजूनाथ भजंत्री की याचिका फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है. झारखंड हाइकोर्ट ने देवघर के तत्कालीन उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के मामले में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से दायर अपील याचिका को 23 सितंबर को स्वीकार करते हुए एकल पीठ के आदेश को निरस्त कर दिया था….

एकल पीठ के आदेश को चुनाव आयोग ने दी थी चुनौती

एकल पीठ ने पूर्व में इस मामले को डब्ल्यूपीसी के रूप में सुनवाई योग्य मानते हुए सुनवाई के लिए सक्षम बेंच में ट्रांसफर किया था. एकल पीठ के आदेश को निर्वाचन आयोग ने अपील याचिका दायर कर चुनौती दी थी….

चुनाव आयोग के वकील ने कोर्ट में दी थी ये दलील

आयोग के वकील ने खंडपीठ को बताया था कि इस मामले की सुनवाई सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) में होनी चाहिए, लेकिन एकल पीठ ने इस मामले को डब्ल्यूपीसी के रूप में सुनवाई योग्य मानते हुए सुनवाई के लिए सक्षम बेंच में ट्रांसफर कर दिया है, जो सही नहीं है…

क्या है मामला

निर्वाचन आयोग ने 6 दिसंबर 2021 को राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर देवघर के उपायुक्त पद से मंजूनाथ को हटाने तथा उन्हें चुनाव कार्य में नहीं लगाने का आदेश किया था. मुख्य सचिव को मंजूनाथ भजंत्री के खिलाफ आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्यवाही करने का भी निर्देश दिया था. गोड्डा के सांसद डॉ निशिकांत दुबे पर एक दिन में 5 थाने में केस दर्ज करने के मामले में शिकायत को आयोग ने सही पाया था. सांसद के खिलाफ 6 माह के बाद आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज करने पर उपायुक्त से जवाब मांगा था. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव को मंजूनाथ के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. मंजूनाथ ने हाइकोर्ट में रिट याचिका दायर कर चुनौती दी थी….

NEWSANP केके के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

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