पश्चिम बंगाल(ASANSOL): आसनसोल के बाजार मे इन दिनों लहसुन और प्याज़ की क़ीमत बढ़ जाने से आसनसोल वासियों की चिंता बढ़ गई है, चिंता इस लिये की अगर लहसुन और प्याज़ की क़ीमत ऐसे ही रही या फिर इनकी कीमतों मे बढ़ोतरी हुई तो वह दिन दूर नही की उनको लहसुन और प्याज़ के नाम तक भूल जाने होंगे, ऐसा इस लिये की बाजार मे बिक रहे लहसुन की क़ीमत चार सौ तो प्याज़ की क़ीमत करीब 60 रुपए से पार हो चुकी है..
ऐसे मे जहाँ लोग लहसुन एक किलो या फिर आधा किलो खरीदकर अपने घर ले जाते थे, वैसे मे लहसुन की क़ीमत को सुन लोग लहसुन से दूर भाग रहे हैं, अगर कोई खरीद भी रहा है तो वह लहसुन सौ ग्राम या फिर पचास ग्राम खरीदकर अपनी सब्जियों मे नाम मात्र का लहसुन डालकर खाने का जायका बढ़ाने की कोसिस कर रहा है, ऐसा ही ही हाल प्याज़ का है, लहसुन के तरह ही प्याज़ के बिना शब्जियों का जायका मानो अधूरा है, जो लोग प्याज़ एक किलो से लेकर पाँच किलो तक खरीदकर अपने घर ले जाते थे आज वही लोग बाजार मे बढ़ी प्याज़ की क़ीमत को सुन एक किलो से लेकर मात्र सौ ग्राम की खरीदारी तक आ गए हैं, बाजार मे लहसुन और प्याज़ खरीदने आने वाले कुछ ऐसे भी लोग हैं जो बाजार मे बिक रहे प्याज़ और लहसुन की बड़ी क़ीमत को सुन उसे बिना ख़रीदे ही वापस लौट जा रहे हैं, लहसुन और प्याज़ खरीदने आए बिधान पल्ली के रहने वाले सॉरीश गोराई ने कहा की उनके घर मे कुछ मेहमान आए हैं, जिनकी अच्छी खातिरदारी के लिये वह बाजार मे सब्जी खरीदने आए थे, ऐसे मे सब्जियों के स्वाद मे जायका बढ़ाने के लिये उनको प्याज़ और लहसुन लेना था पर लहसुन की क़ीमत चार सौ तो प्याज़ की क़ीमत 60 रुपए सुनकर वह घबरा गए, उनके पास उतने पैसे भी नही है की वह प्याज़ और लहसुन खरीद सकें, ऐसे मे उनको मज़बूरी भी है इस लिये उन्होने सौ ग्राम लहसुन और आधा किलो प्याज़ ख़रीदा है..
वहीं बाजार मे सब्जी खरीदने आए धाधका के रहने वाले बीरा लाला प्रशाद ने लहसुन और प्याज़ की बढ़ी क़ीमत को लेकर कहा की वह दिन दूर नही जब सब्जियों के स्वाद का जायका बढ़ाने वाला लहसुन और प्याज़ धीरे -धीरे शब्जियों से नदारद हो जाएगा और लोगों को आने वाले समय मे सब्जियों मे ना तो लहसुन का स्वाद मिलेगा और ना ही प्याज़ का वह जायका ऐसे मे लोगों को खाने के लिये शब्जी तो मिलेगी पर वह सब्जियों बिन स्वाद और बिना जायके की होंगी…
NEWS ANP के लिए आसनसोल से अमरदेव की रिपोर्ट

