दिनांक 23 सितंबर 2024 जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा 8 बरसो के बाद झारखंड में 21 और 22 सितम्बर को हुई, झारखंड पूर्व से बदनाम है परीक्षा में गड़बड़ी हेतु और सीट बेचने हेतु के आरोप लगाते आए हैं।
अलग-अलग हथकंडे अपना कर विभाग सरकार खेल खेलती है और विद्यार्थियों के साथ खिलवाड़ करती है। झारखंड की हम बात करते हैं लेकिन युवा परेशान है सरकार ने नया हथकंडा अपनाया इंटरनेट बंद करके इंटरनेट बंद होने से क्या लाभ हुआ क्या हानि हुई, यह इतना छात्र समझ पाए इंटरनेट बंद होने से विद्यार्थी परीक्षार्थी केंद्र पर नहीं पहुंच पाए, करण लोकेशन की सुविधा नहीं मिली। धीरे-धीरे सभी मोबाइल पर और इंटरनेट पर डिपेंड हो गए। जितने विद्यार्थी परीक्षा देने वाले थे 50% विद्यार्थी परीक्षा दे पाए आखिर क्यों, क्या 50% लोगों की नियुक्ति कहीं ना कहीं हो गई है नहीं हुई, उनको भी नौकरी चाहिए लेकिन उनको मालूम है यह परीक्षा देना बेकार है सब कुछ पहले से ही सेट है। इंटरनेट बंद होने से प्रश्न पत्र लिक की घटनाओं का हल्ला नहीं हो पाएगा। सब कुछ दबा रह जाएगा। लेकिन एक सेंटर का मामला प्रकाश में आया है। की हजारीबाग के खोरठा में प्रश्न पत्र की सील टूटी हुई मिली, विद्यार्थी के सामने। जो खेल होना था वह हो गया। विश्वास न परीक्षा पर कर सकते हैं ना सरकार पर विद्यार्थियों का आंकड़ा ना मिल सके सरकार अपने मसूबे में कामयाब हो गई परीक्षार्थी परेशान सरकार ने जो खेल खेला उसमें सरकार सफल हो गई।
फिर यहां के विद्यार्थी छात्र ठगे गए, यही है झारखंड। धनबाद में प्रथम पाली में दूसरी पाली का क्वेश्चन बांट दिया गया यह भी रिपोर्ट आई है। नया तरीका बिचौलियों द्वारा निकाला गया बहुत जगह हैंडरिटन प्रश्न पत्र मिला है। जो हु बहू मिल रहा है यह नया तरीका। सरकार की मनसा साफ नहीं दिखती, विद्यार्थी परीक्षार्थी जाए तो कहां जाए ठीक है। राजनीति में सबको चिंता है कुर्सी की। विपक्ष में विपक्ष नाम की भी कोई चिड़िया नहीं रह गई। सरकार मनमानी कर रही है युवा भ्रमित हो रहे हैं आदिवासी मूलवासी के नाम पर खतियान के नाम पर एक दूसरे से बातें करके एक हो रहे हैं लेकिन नौकरी के नाम पर कुछ नहीं हो रहा है भारतीय जनतंत्र मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी ने जो खेल सरकार ने किया इसका विरोध करते है जांच में बडे बड़े खिलाड़ी सामने आएंगे ।न्याय दिलाने के लिए परीक्षार्थियों को इस मामले की जांच करानी चाहिए। झारखंड उच्च न्यायालय को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। श्री तिवारी ने कहा मोर्चा विद्यार्थियों परीक्षार्थी युवा छात्रों के साथ है।

