धनबाद(DHANBAD): लोकआस्था के महापर्व चैती छठ को लेकर कोयलांचल धनबाद में श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है..रविवार शाम अस्ताचलगामी यानी डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य दिया गया…
वहीं अगले दिन प्रातः काल में उदीयमान यानी उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ ही वर्तियो का पारण होगा..धनबाद के रेलवे पम्पू तालाब और बेकार बांध स्थित राजेंद्र सरोवर तालाब सहित विभिन्न छठ घाटों पर पूरे भक्ति भाव के साथ वर्तियों ने छठी मईया की अराधना की..
बताया जाता है लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा में वर्तियो द्वारा निर्जला रहने के साथ शुद्धता और पवित्रता का पूरा ध्यान रखना पड़ता है..महिलाएं और पुरुष छठी मईया से अपने परिवार की सुख शांति और समृद्धि की कामना करते है,..आप तस्वीरों में देख सकते है कैसे पूरी श्रद्धा के साथ महिलाएं छठी मैया की पारंपरिक गीत गा रहीं है…चार दिवसीय व्रत का आज तीसरा दिन है..
भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए छठ घाट सजकर तैयार दिखे.. तमाम छठ घाटों पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए लोगों ने फल-फूल, सूप-दउरा सहित अन्य पूजन सामग्रियों के साथ नजदीक के छठ घाट पर पहुंचे थे.. तमाम छठ घाट पर छठी मैया के गीत गूंजते रहें,..
बताते चले कि बिहार झारखंड और यूपी से निकलकर छठ पूजा धीरे धीरे पुरी दुनिया में फैल रहीं है.. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन की धरती तक छठ पूजा जा पहुंचा है,..
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की छठी तिथि को चैती छठ के नाम से जाना जाता है. साल में दो बार छठ पर्व मनाया जाता है. पहला चैत्र माह में और दूसरा कार्तिक माह में पड़ने वाला छठ. कार्तिक माह में आने वाले छठ पर्व का महत्व अधिक होता है. हालांकि इस बार लोक सभा चुनाव 2024 की आदर्श आचार संहिता के कारण इस बार शुभकामना प्रचार से दूर रहें नेता जी..
NEWS ANP के लिए नितेश कुमार गोप के साथ कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट
