भाजपा ने कहा, संदेशखाली मामला सनातन धर्म को मिटाने का विपक्ष का अभियान है…

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और तमिलनाडु में हिंदुओं को निशाना बनाये जाने को लेकर आज शुक्रवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधा. भाजपा ने दावा किया कि इससे साबित होता है कि सनातन धर्म को मिटाने का दावा महज एक बयान नहीं बल्कि एक अभियान है.
नेशनल खबरों के लिए यहां क्लिक करें

महिलाओं ने शेख और उसके समर्थकों पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने अपनी पार्टी के नेताओं को संकटग्रस्त संदेशखाली जाने की अनुमति नहीं देने और स्थानीय तृणमूल नेता शाहजहां शेख को गिरफ्तार नहीं करने पर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा. संदेशखाली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने शेख और उसके समर्थकों पर जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है. त्रिवेदी ने संवाददाताओं से कहा कि यह केवल पश्चिम बंगाल सरकार की ओर उसे (शेख को) बचाये जाने के बारे ही नहीं है बल्कि यह एक खास मानसिकता है जो कुछ लोगों के धर्मनिरपेक्ष संरक्षण में विश्वास करती है, भले ही वे अपराध और अत्याचार क्यों न करें.

बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री हुसैन सुहरावर्दी ने हिंदुओं का नरसंहार करवाया था
उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष पार्टियां चुप हैं क्योंकि वे वोट बैंक की राजनीति के खिलाफ महिलाओं की शिकायतों को मापती हैं, यहां तक कि महिला अधिकारों के स्व-घोषित चैंपियन भी चुप्पी बनाये हुए हैं. कहा कि आज से 78 साल पहले जो नोआखाली में हुआ था, वही आज संदेशखाली में हो रहा है. बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री हुसैन सुहरावर्दी ने हिंदुओं का नरसंहार करवाया था. उस समय जो सुहरावर्दी ने किया था, आज वही ममता बनर्जी कर रही हैं.

कुछ पार्टियां मुस्लिम कट्टरपंथियों और आपराधिक तत्वों की रक्षा करने में विश्वास करती हैं
राज्यसभा सदस्य ने बंगाल में अतीत में भी महिलाओं और हिंदुओं को निशाना बनाये जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि ताजा मामला महज एक घटना नहीं है बल्कि यह चीज है जिसने बंगाल को दो सदियों से ज्यादा समय तक बर्बाद किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह हिंदुओं और मुसलमानों के बारे में नहीं है. उन्होंने कहा, कुछ पार्टियां सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए मुस्लिमों में कट्टरपंथियों और आपराधिक तत्वों की रक्षा करने में विश्वास करती हैं. उन्हें भविष्य की चिंता नहीं है.

तमिलनाडु में कुछ द्रमुक नेता सनातन धर्म की आलोचना करते हैं
कर्नाटक में पारित एक नये कानून, जिसमें कहा गया है कि राज्य सरकार एक करोड़ रुपये से अधिक राजस्व वाले मंदिरों की आय का 10 प्रतिशत एकत्र करेगी और तमिलनाडु में कुछ द्रमुक नेताओं द्वारा सनातन धर्म की आलोचना करने वाली पूर्व की टिप्पणियों का हवाला देते हुए त्रिवेदी ने कहा कि संदेशखाली घटना सहित ये सभी घटनाक्रम दिखाते हैं कि सनातन धर्म का उन्मूलन केवल एक बयान नहीं बल्कि एक अभियान है. उन्होंने कहा कि इन दलों ने हज सब्सिडी दी, जिसे अब खत्म कर दिया गया है और अब उन्होंने मंदिरों पर कर लगाया है.

NEWS ANP के लिए कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट...

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *