
जामताडा (JAMTARA):🔸 बिंदुवार विस्तार:
1. नारायणपुर: उच्च शिक्षा से दशकों तक पूरी तरह कटा रहा इलाका
- झारखंड के जामताड़ा जिले का नारायणपुर प्रखंड, शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से उपेक्षित रहा है।
- विशेष रूप से उच्च शिक्षा की सुविधाएं यहां के ग्रामीण युवाओं, खासकर लड़कियों, के लिए कभी भी उपलब्ध नहीं थीं।
- नारी शिक्षा की स्थिति अत्यंत दयनीय रही – सामाजिक दबाव, संसाधनों की कमी और दूरस्थ कॉलेजों की वजह से बेटियाँ इंटरमीडिएट के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाती थीं।
- ग्रामीण इलाकों में यह धारणा बन गई थी कि डिग्री कॉलेज का सपना देखना तारे तोड़ने जैसा है।
2. डिग्री कॉलेज का शिलान्यास – ऐतिहासिक पहल
बुधवार को नारायणपुर के रामपुर मौजा, नारोडीह पंचायत में झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने डिग्री कॉलेज के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।
- उन्होंने नारियल फोड़कर और फीता काटकर विधिवत निर्माण कार्य की शुरुआत की।
- मौके पर एसकेएमयू दुमका के कुलपति प्रो. कुनुल कंदीर, जामताड़ा उपायुक्त रवि आनंद, एसपी राजकुमार मेहता, जिला परिषद सदस्य, अन्य वरीय अधिकारी और सैकड़ों ग्रामीण जन उपस्थित थे।
3. 35 करोड़ की भारी भरकम लागत: अब शिक्षण संस्थान नहीं होगा सपना
- डिग्री कॉलेज का निर्माण 35 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।
- यह राशि सरकार द्वारा स्वीकृत की गई है और पूरी पारदर्शिता के साथ व्यय की जाएगी।
- भवन निर्माण में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के मानकों का पालन किया जाएगा।
- कुल निर्माण अवधि 24 महीनों (लगभग दो साल) की निर्धारित की गई है, जिसके तहत कॉलेज पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा।
4. स्थानीय कंपनी को जिम्मेदारी – मंत्री को पूर्ण विश्वास
- इस डिग्री कॉलेज का निर्माण कार्य जामताड़ा की एक प्रतिष्ठित भवन निर्माता कंपनी को सौंपा गया है।
- मंत्री इरफान अंसारी ने मंच से स्पष्ट कहा कि,
“मैंने यह काम किसी बाहरी ठेकेदार को नहीं दिया। जामताड़ा की ही कंपनी को यह जिम्मेदारी दी गई है, ताकि निर्माण में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता बनी रहे।” - उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस निर्माण कंपनी पर पूर्ण भरोसा है, और वह स्वयं निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करेंगे।
5. नारी शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
- कॉलेज बनने से खास तौर पर लड़कियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अब तक उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज जाना पड़ता था या पढ़ाई छोड़नी पड़ती थी।
- मंत्री अंसारी ने कहा –
“यह कॉलेज नारायणपुर की बेटियों के लिए वरदान होगा। अब कोई भी बेटी मजबूरी में शिक्षा नहीं छोड़ेगी।” - माता-पिता को अब अपनी बच्चियों की सुरक्षा और खर्च की चिंता किए बिना उन्हें घर के पास ही उच्च शिक्षा दिलवाने का अवसर मिलेगा।
6. राजनीतिक आरोपों का माकूल जवाब
- वर्षों से विपक्ष यह आरोप लगाता रहा था कि फुरकान अंसारी और इरफान अंसारी ने जानबूझकर नारायणपुर को शिक्षा के नक्शे से बाहर रखा।
- इस डिग्री कॉलेज की नींव रखते हुए मंत्री इरफान अंसारी ने उन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और एक ठोस जवाब दिया है।
- उन्होंने कहा,
“विकास को लेकर मेरे इरादे स्पष्ट हैं। नारायणपुर को शिक्षा से जोड़ना मेरी पहली प्राथमिकता रही है।”
7. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बताया प्रेरणा स्रोत
- मंत्री ने बताया कि उन्होंने यह मांग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष रखी थी और मुख्यमंत्री ने बिना हिचकिचाए कॉलेज की स्वीकृति दे दी।
- उन्होंने कहा कि यह कार्य मुख्यमंत्री की शिक्षा के प्रति दूरदर्शिता का प्रमाण है।
8. जामताड़ा की नई पहचान बनेगा शिक्षा का हब
- मंत्री इरफान अंसारी ने कहा –
“अब लोग जामताड़ा को सिर्फ सांप और साइबर के नाम से नहीं, बल्कि विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहचान के साथ जानेंगे।” - उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में जामताड़ा तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह कॉलेज इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
9. युवाओं और ग्रामीणों में खुशी की लहर
- ग्रामीणों, खासकर युवतियों और छात्र-छात्राओं में डिग्री कॉलेज के शिलान्यास की खबर से उत्साह है।
- उपस्थित छात्रा रानी कुमारी ने कहा –
“अब हम भी ग्रेजुएशन यहीं से कर पाएंगे। पहले सोचना भी मुश्किल था।” - अभिभावक रामेश्वर मंडल ने कहा कि मंत्री का यह कार्य नारायणपुर को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ेगा।
10. निष्कर्ष: शिक्षा का नया सूर्योदय
- नारायणपुर, जो अब तक उच्च शिक्षा से वंचित था, 35 करोड़ की इस परियोजना के माध्यम से झारखंड के शैक्षिक नक्शे पर स्थान बनाएगा।
- यह कॉलेज न केवल ज्ञान का केंद्र बनेगा, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होगा।
- नारी शिक्षा को समर्पित यह पहल झारखंड सरकार की “बेटी पढ़ाओ, समाज बढ़ाओ” दृष्टिकोण की सशक्त मिसाल बनेगी।
NEWSANP के लिए जामताडा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

