दिल्ली(DELHI):दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के बाद प्रदेश भाजपा के नेता हैं उत्साहित, संगठन में चुनाव के लिए जोर-शोर से शुरू हो गई है तैयारी
दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत से प्रदेश भाजपा को भी नई ऊर्जा मिली है। ऐसे में झारखंड भाजपा के लिए फरवरी और मार्च का महीना काफी महत्वपूर्ण है। झारखंड भाजपा में कई स्तरों पर संगठनात्मक बदलाव दिखेंगे। बूथ से लेकर प्रदेश तक के संगठन को चुस्त-दुरुस्त किया जानेवाला है। बूथ अध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक फेरबदल होना है। विधायक दल के नेता की नियुक्ति भी होनी है।
जानकारी के अनुसार, 22 फरवरी तक नेता प्रतिपक्ष और 10 मार्च तक प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कर लिया जाएगा। इसी महीने बूथ, मंडल और जिलों के अध्यक्ष के चुनाव होने हैं। सांगठनिक चुनाव के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने की तैयारी में है। नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के लिए केंद्रीय संगठन की आेर से जल्द पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जाएगी। पर्यवेक्षक सभी विधायकों से वन-टू-वन बात करेंगे, फिर नेता प्रतिपक्ष के नाम की घोषणा करेंगे। मालूम हो कि भाजपा ने बूथ स्तर से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक के चुनाव मार्च के पहले सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मंडल और जिलाध्यक्ष के चुनाव के बाद प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होगा। हालांकि, परंपरा के मुताबिक इस पर अंतिम मुहर केंद्रीय नेतृत्व ही लगाता है।
नेता प्रतिपक्ष नहीं होने से लटकी हैं कई संवैधानिक नियुक्तियां
वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष नहीं होने के कारण कई संवैधानिक नियुक्तियां लटकी हुई हैं। राज्य सरकार इसका ठीकरा भाजपा पर फोड़ रही है। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने सूचना आयुक्तों और मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति शीघ्र किए जाने के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिया है। इसके लिए भाजपा को भी कहा गया था कि वह शीघ्र नेता प्रतिपक्ष का चयन करे। इसके पूर्व जब नेता प्रतिपक्ष के रूप में अमर बाउरी थे, तो मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए एक बैठक हुई थी। लेकिन, किसी एक नाम पर सर्वसम्मति नहीं बन पाई थी, ऐसे में यह नियुक्ति लटक गई थी।
जिला निर्वाचन पदाधिकारियों और सह पदाधिकारियों की हो चुकी है नियुक्ति
संगठनात्मक चुनाव के लिए प्रदेश भाजपा ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी और सह निर्वाचन पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। सबसे पहले बूथ अध्यक्षों का चुनाव होना है। इसके बाद मंडल अध्यक्ष का चुनाव होगा, फिर जिला अध्यक्षों का चुनाव किया जाएगा। 50 प्रतिशत बूथों के अध्यक्ष चुन लिए जाने के बाद मंडल अध्यक्षों का चुनाव होगा। इसी प्रकार 50 प्रतिशत मंडलों का चुनाव होने के बाद ही जिला अध्यक्षों का चुनाव होगा। कम से कम 14 जिलों में अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होगा।
जिला स्तरीय सक्रिय सदस्यता जांच एवं सत्यापन उपसमिति गठित : सदस्यता अभियान के अंतर्गत प्रदेश भाजपा ने जिला स्तरीय सक्रिय सदस्यता व सत्यापन उपसमिति गठित की है। इसके अंतर्गत सभी जिलों में एक संयोजक और दो सदस्य बनाए गए हैं। यह उपसमिति सक्रिय सदस्यों की जांच करेगी।
NEWSANP के लिए दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट

