2 किलो वजनी फाइब्रॉइड निकालकर सदर अस्पताल ने रचा इतिहास…

2 किलो वजनी फाइब्रॉइड निकालकर सदर अस्पताल ने रचा इतिहास…

सफलतापूर्वक संपन्न किया दुर्लभ और अत्यंत चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन

धनबाद(DHANBAD): उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन द्वारा धनबाद के सदर अस्पताल में किए गए अपग्रेडेशन के परिणामस्वरूप केवल धनबाद ही नहीं बल्कि पड़ोस के जिलों में भी सदर अस्पताल की बेहतरीन चिकित्सीय सुविधाओं को लेकर चर्चाएं हो रही है। विशेषकर आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क ऑपरेशन, अच्छे डॉक्टरों की टीम, आधुनिक उपकरणों, साफ सफाई इत्यादि से इस अस्पताल ने आमजनों का विश्वास जीता है। अब सदर अस्पताल में दुर्लभ से दुर्लभतम ऑपरेशन भी हो रहे हैं।

सफलता की इसी कड़ी में आज एक मरीज का 2 किलोग्राम वजनी फाइब्रॉइड निकालकर सदर अस्पताल ने इतिहास रचा है।

इसकी जानकारी देते हुए अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार प्रसाद ने बताया कि सदर अस्पताल में आज स्त्री रोग चिकित्सा के क्षेत्र में एक दुर्लभ और अत्यंत चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस ऑपरेशन में मरीज की बच्चेदानी से लगभग 2 किलोग्राम वजनी विशाल फाइब्रॉइड (गांठ) निकाला गया, जो कि सामान्यतः कम देखने को मिलता है।

बताया कि मरीज नूरी परवीन, उम्र 36 वर्ष, पति मो. सादाम, ग्राम रहमतगंज, पांडर पाला, धनबाद की निवासी हैं। वे पिछले करीब एक वर्ष से अत्यधिक मासिक रक्तस्राव से पीड़ित थीं। कई जगह उपचार कराने के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली। जांच में बच्चेदानी में गांठ पाई गई, लेकिन आर्थिक कमजोरी के कारण समय पर इलाज संभव नहीं हो सका।

परिणामस्वरूप गांठ धीरे-धीरे इतनी बड़ी हो गई कि पेट का आकार गर्भावस्था जैसा दिखने लगा और रक्तस्राव अत्यधिक बढ़ गया।

अंततः सदर अस्पताल में डॉ. संजीव से परामर्श के बाद ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन से पूर्व एक यूनिट रक्त चढ़ाया गया।

आज डॉ. संजीव के नेतृत्व में, डॉ. आनंद (निश्चेतक), ओटी असिस्टेंट मदुसूदन मरांडी तथा सिस्टर रेखा महतो के सहयोग से हिस्टरेक्टॉमी ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। ऑपरेशन के दौरान लगभग 2 किलोग्राम वजनी अत्यधिक बड़ी बच्चेदानी एवं फाइब्रॉइड को सुरक्षित रूप से निकाला गया।

ऑपरेशन के पश्चात मरीज की हालत पूरी तरह स्थिर और संतोषजनक है। नूरी परवीन ने जिला प्रशासन के साथ साथ डॉ. संजीव एवं सदर अस्पताल प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। निजी अस्पताल में इसी प्रकार के जटिल ऑपरेशन पर लगभग 40 से 50 हजार रुपये का खर्च आता, लेकिन आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज पूर्णतः निःशुल्क संभव हो पाया।

यह ऑपरेशन न केवल सदर अस्पताल की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और टीमवर्क का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकारी अस्पतालों में भी दुर्लभ और जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की जा सकती है।

NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

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