
धनबाद(NIRSA): 1984 में पीड़ित सिख परिवार चार दशक बीत जाने के बाद भी आज भी केन्द्र और राज्य सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं जिसके कारण आज भी सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगा रहे हैं।ज्ञाता हो की सन 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पूरे देश के कई राज्यों में सिख परिवारों पर कत्ले आम लूट पाट मच गई थी जिसके कारण कई परिवार बेघर हो गए थे और कई लोग अपने आसियाना छोड़ पलायन कर गए थे।व्यवसाय परिवार पर मानो कहर टूट पड़ा हो।इस व्यस्था से न्याय पाने को लेकर पीड़ित सिख परिवारों द्वारा पिछले 41 वर्षों से आज भी न्याय को लेकर लम्बी लड़ाई लड़ रहे हैं।कोयलांचल धनबाद के निरसा विधानसभा के एग्यारकुण्ड प्रखण्ड के शिवालीबाडी पूरब पंचायत निवासी स्वर्गीय जगजीत सिंह के पुत्र सतबीर सिंह लम्बा ने बताया कि 1984 की उस काली रात को याद करते हुए आज भी जेहेन काप उठता हैं उन दिनों की घटी घटना को लेकर आज भी न्याय पाने के लिए दर दर भटक रहा हूँ।अपने बेहतर कल के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों से न्याय कि गुहार आज भी लगा रहा हूँ। सतबीर ने अपने बचपन की दस्ता सुनते हुए बताया कि नवम्बर 1984 में तत्कालीन बिहार राज्य के एक छोटे से गांव शिवलीबाडी में उसका पूरा हस्ता खेलता पूरा परिवार तास के पत्ते की तरह बिखर गया जिसके कारण सिंह परिवार का अपना घर रहते हुए भी आज पंजाब के अमृतसर में रहने को मजबूर हैं।उन्होंने यह भी बताया कि बताया कि हमारा पूरा हस्ता खेलता परिवार बिहार राज्य में निवास करते थे और 15 नवम्बर 2000 में बिहार राज्य से अलग राज्य झारखण्ड की स्थापना के बाद हमारा गांव झारखण्ड का हिस्सा हो गया हैं। नवम्बर 1984 में हमारा हस्ता मुस्कुराता हुआ परिवार पर एक बड़े हुजूम द्वारा बम धमाका किया गया हमारे घर में लुट पट की गई जिसमें हमारा सब कुछ तबाह हो गया उसी घटना की न्याय के लिए पिछले चार दशकों से अपने हक और अधिकार के लिए न्याय व्यवस्था से लड़ रहा हूँ और इसकी लड़ाई में सहयोग बोकारो जिला गुरुद्वारा के अध्यक्ष एस.जसमीत सिंह सोढ़ी भी न्याय दिलाने को लेकर अहम भूमिका निभा रहे है ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके। सिख समुदाई द्वारा झारखंड के कई जिले में आज भी न्याय के लिए लड़ा जा रहा है,श्रीसिंह ने कहा कि उस दंश के कारण आज भी अपने पाव पर खड़ा नहीं हो पा रहा हूँ। हालाकि उस हमले को लेकर स्थानीय थाने में पीड़ित परिवारों द्वारा मामला भी दर्ज करवाया था लेकिन न्याय प्रक्रिया द्वारा अब तक कोई न्याय नहीं मिल पाया है और ना ही सरकार से सहायता मिल पाया हैं जिसके कारण आज भी दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हूँ। केंद्र और राज्य सरकारों से मांग करता हूँ कि मुझे दिलाने में अपना अहम योगदान दे ताकी हमारे जख्मों में मरहम लगाया जा सके।
NEWSANP के लिए निरसा से संतोष की रिपोर्ट

