18 साल के एंटरप्रेन्योर कारोबारी और AI कंपनी Cal AI के सीईओ ज़ैक यादेगरी ने सोशल मीडिया पर एक लेटर पोस्ट करके अमेरिकी एजुकेशन सिस्टम पर सवाल उठाए है. ज़ैक ने हार्वर्ड, येल और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटीज को संबोधित करते हुए जो ओपन लेटर लिखा उसने व्यापक बहस छेड़ दी है. जैक का ये लेटर इन प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा उनकी अस्वीकृति के जवाब में आया है, जब उसे इन संस्थानों में दाखिला देने से इनकार किया गया था. आज ज़ैक की सक्सेज स्टोरी दुनियाभर में वायरल होती है. जिसमें उनकी जबरदस्त गुडविल के साथ उनकी कंपनी द्वारा हर साल $30 मिलियन डॉलर के रिवेन्यू जेनरेट करने वाला स्टार्टअप का जिक्र होता है.
अपने ओपन लेटर में ज़ैक ने इन तमाम युनिवर्सिटीज के एडमिशन सिस्टम पर निराशा जताते हुए सवाल पूछा है कि क्या सफलता के पारंपरिक मापदंडों को अब भी इन एलीट विश्वविद्यालयों द्वारा महत्व दिया जाता है. मैंने 7 साल की उम्र में प्रोग्रामिंग शुरू की और 12 की उम्र में पहला ऐप लॉन्च किया. फिर हाई स्कूल स्टडी के दौरान मैनें एक कामयाब AI कंपनी बनाई. मेरी ये उपलब्धियां आज मेरी एकैडमिक योग्यता और मेरे काम करने की क्षमता को बताती हैं.’
इस युवा सीईओ ने अपने रिजेक्शन के बाद के हालातों और मनोदशा की बात बताते हुए कहा, अगर मेरे जैसा कोई व्यक्ति, जिसने शैक्षणिक और व्यावसायिक दोनों तरह से सफलता हासिल की है और मुझे ही इन महान यूनिवर्सिटी में दाखिला नहीं मिला तो इस घटनाक्रम पर क्या ही कहा जा सकता है. मैं पूछता हूं कि आज कितने छात्रों की पहुंच हाई एजुकेशन तक है और इन यूनिवर्सिटी के एजुकेशन सिस्टम और छात्रों की समावेशिता के बारे में क्या कहा जा सकता है.’
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

