शास्त्रोक्त नियमानुसार
प्रदोष बाद संक्रांति लगने पर उसका पुण्यकाल दूसरे दिन होता है अतः मकरसंक्रांति 15 जनवरी को मनाया जाएगा
शनि के घर 4 ग्रह सूर्य मंगल बुध शुक्र पहुँचने के कारण इस वर्ष का मकर संक्रांति बना रहा है अद्भुत शुभ संयोग
मकर संक्रांति —सूर्य और शनि एक दूसरे के शत्रु ग्रह माने जाते है,पूरे वर्ष भर सूर्य सारे ग्रहों की परिक्रमा करते हुए जनवरी में शनि की राशि अर्थात मकर राशि पर पहुँचते है उसी दिन को हम लोग मकरसंक्रांति पर्व के रूप में मनाते है और दोनों ग्रहों की एक साथ पूजा अर्चन कर उसे शांत करते है ,इसी दिन से सूर्य उत्तरायण और चंद्र दक्षिणययन भी हो जाते है अर्थात खर मास समाप्त हो जाता है और सारे शुभ कार्य शुरू हो जाते है, भीष्म पितामह ने भी अपने प्राण त्यागने के लिए इसी दिन के इंतज़ार में बाणों की शय्या पर लेटे हुए रहे थे.
काशी विश्वनाथपंचांग के अनुसार ,इस वर्ष माघ कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि बुधवार अनुराधा नक्षत्र 14 जनवरी को सौम्य योग के साथ
भगवान भास्कर रात्रि में 9 बजके 19 मिनट पर मकर राशि अर्थात पुत्र शनिदेव के घर पधार रहे है हलाकि इनके आने से पूर्ब हि बुध मंगल और शुक्र शनि के घर पहुँच चुके है अर्थात शनि के घर कुल 4 ग्रह पहुँचने के कारण इस वर्ष का मकर संक्रांति अद्भुत शुभ संयोग बना रहा है जो सभी के लिए बहुत शुभ संकेत देते है वही शास्त्रोक्त नियम के अनुसार
प्रदोष के बाद रात्रि में किसी भी समय संक्रांति लगती है तब उसका पुण्यकाल दूसरे दिन माना जाता है अतः मकर संक्रांति, खिचड़ी व पोंगल पर्व 15 जनवरी गुरुवार प्रातः से दिन 1 बजके 19 मिनट तक मनाना अत्यंत शुभ है इसी के साथ सूर्य उत्तरायण और चन्द्र
दक्षिणनयन होकर खरमास समाप्त हो जाएगा तथा शिशिर ऋतु प्रारम्भ हो जाएगा ।और शादी-विवाह, मुंडन,यग्योपवित गृह प्रवेश जैसे मांगलिक शुभ कार्य प्रारम्भ हो जाएंगे ।
नियम
मकर संक्रांति के दिन स्नान दान का बहुत ही विशेष महत्व होता है। इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर नित्य क्रिया से निवृत्त होकर गंगा नदी में स्नान करे ,संभव न हो तो किसी भी पवित्र नदी, कुंवा या घर के जल में गंगा जल मिलाकर स्नान करे फिर नूतन यग्योपवित धारण कर भगवान सूर्य नारायण को अर्घ दे कर घर के सभी देवी देवतओं को पूजा कर चूड़ा गुड़ तिलकुट और दही का भोग लगाए फिर किसी ब्राम्हण या गरीब को अन्न, तिल, गुड़, वस्त्र, कंबल, चावल, उड़द पंचांग या धार्मिक पुस्तक सहित अन्य सामग्रियों का दान करे हलाकि इस दिन घर मे ब्राम्हण को भोजन करा कर ऊनि वस्त्र पंचांग या धार्मिक पुस्तक दान करने से बिशेष पुण्य की प्राप्ति होती है
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

