पटना(PATNA): नवादा जिले के कौआकोल प्रखंड के गुआघोघरा गांव में गुरुवार (26 फरवरी 2026) की रात अचानक पूरी बिजली काट दी गई। विभाग ने ट्रांसफॉर्मर से ही सप्लाई बंद कर दी, जिसके बाद पूरा गांव अंधेरे में डूब गया। बताया जा रहा है कि गांव के करीब 200 उपभोक्ताओं पर मिलाकर 12 लाख रुपये से ज्यादा का बिजली बिल बकाया है, जो कई सालों से जमा नहीं हुआ था।
बार-बार नोटिस के बाद विभाग ने की सख्ती
बिजली विभाग के पर्यवेक्षक संजीव कुमार का कहना है कि लोगों को कई बार नोटिस दिया गया, समझाया गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। ऊपर से अधिकारियों का दबाव भी था, इसलिए आखिरकार सख्त कदम उठाते हुए सप्लाई बंद करनी पड़ी। विभाग का कहना है कि जब तक बकाया भुगतान को लेकर ठोस पहल नहीं होगी, तब तक बिजली बहाल करना मुश्किल है।
ग्रामीण बोले — पहले ही लो वोल्टेज, ऊपर से बिल का बोझ
गांव वालों की नाराजगी साफ दिख रही है। उनका कहना है कि यहां पहले से ही लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या रहती है, लेकिन बिल लगातार बढ़ता जा रहा है। कई लोगों का आरोप है कि मीटर रीडिंग सही नहीं होती, फिर भी भारी बिल थमा दिया जाता है। अब पूरी बिजली काट देना उन्हें “सामूहिक सजा” जैसा लग रहा है।
पानी और मोबाइल चार्जिंग तक का संकट
बिजली कटने के बाद गांव में रोजमर्रा की दिक्कतें बढ़ गई हैं। मोटर नहीं चलने से पानी की समस्या हो रही है, मोबाइल चार्ज करना मुश्किल हो गया है। कुछ ग्रामीणों ने रात में मोबाइल की टॉर्च जलाकर वीडियो बनाते हुए अपनी परेशानी भी दिखाई और नाराजगी जताई।
किश्तों में भुगतान की मांग
कई उपभोक्ताओं का कहना है कि वे बकाया रकम एक साथ नहीं दे सकते, लेकिन अगर किश्तों में जमा करने की सुविधा मिले तो भुगतान कर देंगे। कुछ लोगों ने राहत या छूट की भी मांग की है। उनका तर्क है कि राज्य में जहां 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ ऐसी कार्रवाई से गरीब परिवार और ज्यादा परेशान हो रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल — कब लौटेगी बिजली?
गांव में फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि बिजली कब तक बहाल होगी। अगर विभाग और ग्रामीणों के बीच भुगतान को लेकर कोई समझौता होता है, तभी अंधेरा खत्म होने की उम्मीद है। तब तक गुआघोघरा गांव के लोगों को बिना बिजली के ही गुजारा करना पड़ेगा।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

