धनबाद(DHANBAD): भाजपा प्रदेश कार्यालय में 1 नवंबर को प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष आरती सिंह और प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया..
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह ने कहा कि जब हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री नहीं बने थे, तब चिल्ला चिल्ला कर कहते थे कि सीएम बनने पर झारखंड की जनता खुश रहेगी। राज्य विकास की ओर जाएगा। मां बहनें सुरक्षित रहेंगी। उनका सशक्तिकरण होगा। जैसे ही वे सत्ता में बैठे, उन्होंने महिलाओं से किए वादों को झूठलाने का काम शुरू कर दिया। उन्होंने मां बहनों से वादा किया था की सरकार बनते हैं ₹2000 महीना चूल्हा खर्च देंगे। किसी भी मां-बहन को चूल्हा खर्च नहीं दिया। उन्होंने महिलाओं से कहा था कि आधार कार्ड पर ₹50000 का लोन देंगे। लोन लेकर महिलाएं सशक्त होगी। कथनी और करनी में अंतर होता है। उन्होंने कहा कुछ और किया कुछ।वादा खिलाफी कर हेमंत सोरेन सत्ता पर विराजमान हैं। चुनाव से कुछ दिन पहले हेमंत सोरेन सरकार ने मंईयां सम्मान योजना शुरू की। उन्होंने कहा कि जिस सरकार में मां, बहन, बेटियां सुरक्षित नहीं है, उनका सम्मान कैसे होगा। चुनाव नजदीक आने पर मां बेटियों के सम्मान का ख्याल उन्हें आया। योजना के तहत ₹1000 देना शुरू किया। उन्होंने कहां कि मंईयां सम्मान योजना लाना था तो 5 वर्ष पहले क्यों नहीं लाया। 5 साल पहले यह योजना शुरू हो जाती तो 5 साल में ₹60000 मां-बेटियों को मिलते, लेकिन उन्हें हेमंत सरकार ने ठगा..
चुनाव को देखते हुए मात्र ₹2000 दिए। अब मां-बहनें हेमंत सरकार की मनसा समझ चुकी हैं। विधानसभा चुनाव में उन्हें करारा जवाब देंगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पूर्ववर्ती रघुवर सरकार में चल रही महिला कल्याण की सभी योजनाओं को सत्ता में आते ही हेमंत सोरेन सरकार ने बंद कर दिया। हेमंत सोरेन सिर्फ कर दिखावे के लिए महिला सशक्तिकरण और सम्मान की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सिर्फ अपना और परिवार की चिंता है। एक भी महिला को उन्होंने सुरक्षित नहीं रखा। सिर्फ अपनी पत्नी को सुरक्षित रखा। हेमंत सोरेन को सिर्फ कुर्सी प्यारी है। भ्रष्टाचार के आरोप में हेमंत सोरेन जेल गए थे। जेल से आते हैं उन्होंने अपने सबसे पुरानी और वरिष्ठ कार्यकर्ता चंपाई सोरेन को कुर्सी से हटाकर खुद मुख्यमंत्री के पद पर बैठ गए पत्नी को उपचुनाव लड़कर विधायक बनाने का काम किया। क्या झारखंड मुक्ति मोर्चा में और महिलाएं नहीं है..
सिर्फ एक-दो को छोड़ो कोई महिला ही नहीं है उनकी नजर में। उन्होंने महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया है। राज्य की महिलाएं उन्हें विधानसभा चुनाव में धक्का मार कर सत्ता से बाहर करने का काम करेंगी।इस अवसर पर राफिया नाज कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा, राजद और कांग्रेस गठबंधन की सरकार में राजकीय आदिवासी बेटियों की इज्जत को ताक पर रख दिया गया है। संताल परगना में क्राइम बहुत बढ़ रहा है। बेटियों के साथ अत्याचार हो रहा है। आंकड़ों की बात करें तो जब से झारखंड में इंडी गठबंधन की सरकार आई है, 26 परसेंट अपराध का ग्राफ बढ़ गया है..
महिला अत्याचार से संबंधित 16,162 केस दर्ज हैं। 8000 मामलों में तो जांच भी शुरू नहीं हुई है। सरकार पेसा कानून लागू करने में भी विफल रही है। आदिवासी बेटियों की रक्षा भी नहीं कर पाई है। हटिया में एक एस आई को एक ट्रक ने कुचलकर मार दिया था। संताल परगना में बेटियों को डायन बोलकर मारा जा रहा है। डायन बोलकर 35 बेटियों को मार दिया गया है। डायन प्रथा को रोकने संबंधी कानून को भी लागू करने में सरकार भी विफल रही है। अपराधियों को भी सरकार सजा नहीं दिला पाई है। महिला अपराध में 45 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है..
NEWSANP के लिए रांची से विनोद सिंह की रिपोर्ट

