
धनबाद(DHANBAD): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि हिंदू समाज को संगठित करने के लिए संघ पिछले 100 वर्षों से निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव तो दिख रहा है, लेकिन इस परिवर्तन को तेज करने के लिए हर व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल राजनीतिक सत्ता बदलने से समाज का वास्तविक परिवर्तन संभव नहीं है। यदि ऐसा होता, तो संघ के संस्थापक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार केवल एक राजनीतिक दल की स्थापना करते।
सुनील आंबेकर ने कहा कि आज समाज में जागरूकता बढ़ी है। जो लोग पहले “जय श्रीराम” बोलने से हिचकिचाते थे, वे आज गर्व से इसे बोलते हैं। यहां तक कि राम मंदिर का विरोध करने वाले भी अब अयोध्या जाकर दर्शन कर रहे हैं।
युवाओं में आए बदलाव पर उन्होंने कहा कि आज का युवा भजन मंडलियों का संचालन कर रहा है, साथ ही राष्ट्रवाद के प्रति अपनी आस्था भी दिखा रहा है।
गोवध प्रतिबंध के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जब तक समाज जागृत नहीं होगा, तब तक कोई भी सरकार प्रभावी कदम नहीं उठा सकती। हर व्यक्ति को अपने जीवन में सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाना होगा।
उन्होंने संघ के “पंच परिवर्तन” की चर्चा करते हुए सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, परिवार प्रबोधन और नागरिक कर्तव्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि केवल अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि कर्तव्यों के लिए भी आंदोलन खड़ा किया जाए।
आंबेकर ने कहा कि हिंदू समाज की एकता में सबसे बड़ी बाधा जातिवाद है। संघ का उद्देश्य सज्जन शक्तियों को संगठित कर समाज को सही दिशा देना है।
उन्होंने कहा कि संघ हमेशा राष्ट्रहित के मुद्दों पर खड़ा रहा है, चाहे वह आतंकवाद, अलगाववाद, धारा 370 या आपातकाल का समय रहा हो।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और अंत में वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
NEWSANP के लिए धनबाद से रागिनी पांडेय की रिपोर्ट

