महिलाओं की भागीदारी से लोकतंत्र को मिलेगा नया आयाम
जामताड़ा (JAMTADA): देश में चुनावी सुधारों को लेकर चल रही बहस के बीच “वन नेशन वन इलेक्शन” यानी एक देश, एक चुनाव की अवधारणा पर कसिया टॉड गांव में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का नेतृत्व सामाजिक संस्था नवजीवन इंटरनेशनल ट्रस्ट ने किया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को राजनीतिक रूप से जागरूक और सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्व-सहायता समूह की प्रमुख गीता देवी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में नवजीवन इंटरनेशनल ट्रस्ट की अध्यक्ष बबीता झा उपस्थित रहीं। उन्होंने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ की मौजूदा पृष्ठभूमि और संभावित लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बार-बार चुनाव कराना न केवल आर्थिक दृष्टि से महंगा साबित होता है, बल्कि इससे सरकारी कार्यों में भी बाधा उत्पन्न होती है।
भारत की वर्तमान चुनावी पद्धति की झलक
वर्तमान में भारत में आम चुनाव (लोकसभा) हर पाँच साल में एक बार होते हैं, लेकिन राज्य विधानसभा चुनाव अलग-अलग समय पर होते हैं। इससे हर वर्ष देश के किसी न किसी हिस्से में चुनावी प्रक्रिया चलती रहती है। इससे न केवल सरकारी मशीनरी और संसाधनों पर भारी दबाव पड़ता है, बल्कि शिक्षकों और अधिकारियों की चुनावी ड्यूटी के चलते विकास और प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ता है।
वन नेशन वन इलेक्शन की अवधारणा इसी विसंगति को दूर करने के उद्देश्य से लाई जा रही है, ताकि पूरे देश में एक ही समय पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव संपन्न कराए जा सकें। इससे न केवल चुनावी खर्च घटेगा, बल्कि बार-बार लागू होने वाले आचार संहिता से भी प्रशासनिक गतिविधियों को राहत मिलेगी।
हस्ताक्षर अभियान से राष्ट्रपति तक पहुंचेगी आवाज
बबीता झा ने कहा, “यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती का प्रयास है। महिलाओं को इसमें भागीदार बनना चाहिए।” उन्होंने यह भी बताया कि मौके पर एक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसके माध्यम से एक ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा। “यह हस्ताक्षर ही हमारी मांग को राष्ट्रपति तक पहुंचाने का पुल बनेगा,” ।
महिलाओं की उत्साही भागीदारी
कार्यक्रम में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा सोरेन, वेदनाथ सोरेन, श्रुति कुमारी, शांति देवी, रश्मि देवी, संजोती हांसदा, बुनिया देवी और कमली देवी सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सभी वक्ताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा सोरेन ने कहा, “लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब हर वर्ग विशेषकर महिलाएं, राजनीतिक मुद्दों पर सजग रहेंगी और अपने अधिकारों को जानेंगी।”
समापन और संकल्प
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जहां उपस्थित सभी लोगों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने गांवों में जाकर “वन नेशन वन इलेक्शन” की जानकारी को जन-जन तक पहुंचाएंगे।
यह आयोजन न केवल एक देश, एक चुनाव जैसे संवेदनशील राजनीतिक विचार पर चर्चा का मंच बना, बल्कि महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास भी साबित हुआ।
NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

