गोमो(GOMO): सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नावाडीह के 56 स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी लंबित वेतन और नौ सूत्री मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। “राइडर सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, रांची” पर आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी। अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसरा रहा, मरीज बेहाल दिखे, लेकिन संघर्षरत कर्मचारियों की आवाज़ और नारों से माहौल गरमा हो गया था ।
स्वास्थ्य कर्मियों का दर्द छलक पड़ा। उनकी आंखों में आक्रोश साफ झलक रहा था। बोकारो जिला सचिव मुन्ना दास ने राज्य सरकार और आउटसोर्सिंग कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा,
“आठ महीने से वेतन नहीं मिला, ईपीएफ और ईएसआई का भी कोई हिसाब नहीं। यह मज़ाक कब तक चलेगा?”
नाइट गार्ड लालधारी महतो की आंखों में बेबसी थी। उनकी पत्नी हार्ट पेशेंट हैं, लेकिन वेतन के बिना इलाज कराना नामुमकिन हो गया है। इसी तरह, मधु कुमारी, सुनीता कुमारी, रेशमी देवी, पूनम कुमारी और अन्य कर्मचारियों ने भी अपनी व्यथा सुनाई।
स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी कि जब तक आठ महीने का बकाया वेतन, 2019 से लंबित ईपीएफ, यात्रा भत्ता और नियमित वेतन भुगतान नहीं होगा, हड़ताल खत्म नहीं होगी।
सरकार और कंपनी कब तक इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे रहेगी? क्या मजबूर स्वास्थ्य कर्मियों की आवाज़ सुनी जाएगी, या ये हड़ताल बड़ा रूप लेगी?
NEWSANP के लिए गोमो से सबिता बर्नवाल की रिपोर्ट

