धनबाद(DHANBAD): सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय, धनबाद द्वारा आज एमएसएमई आउटरीच, सैचुरेशन कैंप और बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में धनबाद क्षेत्र के अभिभावक महाप्रबंधक श्री डी. पी. खुराना (केन्द्रीय कार्यालय, मुंबई) ने उपस्थित ग्राहकों और धनबाद क्षेत्र के शाखा प्रमुखों का स्वागत किया।
मुख्य गतिविधियां और ऋण स्वीकृति:
इस शिविर में एमएसएमई, कृषि, खुदरा ऋण और विशेष तौर पर महिलाओं के लिए चलाई जा रही ऋण योजनाओं का विशेष ध्यान रखा गया। महाप्रबंधक खुराना ने विभिन्न ऋण योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की और स्वयं सहायता समूह के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए।
ऋण स्वीकृतियाँ:
- एमएसएमई ऋण: 6.96 करोड़
- रिटेल ऋण: 8.51 करोड़
- कृषि ऋण: 6.24 करोड़
वर्तमान वित्तीय वर्ष की उपलब्धियाँ: इस वर्ष अब तक 810 चालू खाते और 10,797 बचत खाते खोले गए हैं, जो उत्कृष्ट ग्राहक सेवा का परिचायक हैं। इसके अतिरिक्त, एकमुश्त निपटान द्वारा 510 NPA (गैर निष्पादित परिसंपत्ति) खातों का समाधान किया गया।
तकनीकी पहल और डिजिटल बैंकिंग: इस शिविर में 500 मोबाईल बैंकिंग, 410 इंटरनेट बैंकिंग और सेंट UPI एवं QR Code जारी किए गए। यह बैंक की डिजिटल सेवाओं के प्रति ग्राहकों की बढ़ती जागरूकता और मांग को दर्शाता है।
महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं: महाप्रबंधक खुराना ने महिलाओं के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा चलाई जा रही योजनाओं पर जोर दिया और सभी लाभार्थियों को बैंक की अन्य योजनाओं जैसे सेंट होटल, सेंट जीएसटी, सेंट विद्यार्थी, और सेंट CA के बारे में जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से अपील की कि वे अपने परिचितों को भी सेंट्रल बैंक से जोड़ें, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
महिला स्वयं सहायता समूह को ऋण:
इस अवसर पर प्रत्येक महिला स्वयं सहायता समूह को 6-6 लाख रुपये की ऋण राशि प्रदान की गई, जिससे सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
उपस्थिति: कार्यक्रम में क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य प्रबंधक वाई. डी. मिश्रा, मुकेश कुमार सिंह और चौधरी जयप्रकाश भी उपस्थित थे।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के इस प्रयास ने न केवल स्थानीय समुदायों को वित्तीय सहायता प्रदान की, बल्कि बैंक की सामाजिक जिम्मेदारी और महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए गए प्रयासों को भी उजागर किया.
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

