देशभर के हजारों सुरों के बीच एक मीठी आवाज थी, जो बंगाल के किसी कोने से उठकर सीधे हिंदुस्तान के दिलों तक पहुंच गई, उस आवाज़ का नाम था मानसी घोष। ‘इंडियन आइडल 15’ के रंगीन मंच पर, जहां हर सुर एक सपने जैसा था और हर तालियों की गूंज किसी मंजिल का रास्ता, वहीं मानसी ने अपने हुनर और जज्बे से फिनाले की शाम इतिहास रच दिया। आंखों में आंसू थे, पर खुशी के। आवाज में कंपन थी, पर जीत की। 25 लाख रुपये की इनामी राशि और ट्रॉफी के साथ मानसी घोष इस बार की विनर बनीं। उनके साथ ही सुभोजित चक्रवर्ती और स्नेहा शंकर ने भी दर्शकों का दिल जीतकर क्रमश: फर्स्ट और सेकंड रनर-अप का ताज हासिल किया।
शो के मंच पर इस बार 16 सितारे चमके, मगर टॉप 6 तक पहुंचना और फिर जीत की सीढ़ी चढ़ना आसान नहीं था।
शो को होस्ट कर रहे थे आदित्य नारायण और जजों की त्रिमूर्ति बादशाह, विशाल ददलानी और श्रेया घोषाल हर सुर को पहचान देने के लिये मौजूद थे। मानसी की जीत एक नाम की नहीं, यह हर उस आवाज की जीत है जो अपने घर के आंगन से निकलकर किसी मंच पर अपनी पहचान ढूंढ़ती है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

