धनबाद(DHANBAD): सीएसआईआर–केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (CSIR-CIMFR), धनबाद ने विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) झारखंड राज्य-स्तरीय शिविर का सफल आयोजन किया। इस शिविर में राज्य भर से आए 140 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम ने युवाओं की वैज्ञानिक क्षमता, जिज्ञासा और समर्पण को उजागर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों के पंजीकरण से हुई, जिसके बाद उद्घाटन सत्र में प्रेरणादायी संबोधन दिए गए। विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) एक राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रतिभा खोज पहल है, जिसका आयोजन विज्ञान भारती (VIBHA) द्वारा एनसीईआरटी, शिक्षा मंत्रालय तथा राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (NCSM) के सहयोग से, भारत सरकार के संरक्षण में किया जाता है।
वीवीएम 2025–26 सत्र के दौरान झारखंड के 150 से अधिक विद्यालयों के 10,000 से ज्यादा विद्यार्थियों ने प्रथम-स्तरीय परीक्षा में भाग लिया, जबकि लगभग 7,500 विद्यार्थियों ने द्वितीय-स्तरीय परीक्षा दी। इन प्रतिभागियों में से 50 से अधिक विद्यालयों के 180 विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें सीएसआईआर-सीआईएमएफआर, धनबाद में आयोजित राज्य-स्तरीय शिविर के लिए आमंत्रित किया गया।
चयनित विद्यार्थियों में से 140 विद्यार्थी राज्य-स्तरीय परीक्षा में उपस्थित हुए।
शिविर के दौरान आयोजित परीक्षा कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट अनुशासन, उत्साह और शैक्षणिक दक्षता का प्रदर्शन किया—जो वैज्ञानिक अध्ययन एवं अनुसंधान के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रदर्शन के आधार पर 18 विद्यार्थियों को विजेता घोषित किया गया तथा 12 विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय स्तर के वीवीएम शिविर के लिए किया गया। विजेताओं को क्रमशः ₹5,000 (प्रथम पुरस्कार), ₹3,000 (द्वितीय पुरस्कार) और ₹2,000 (तृतीय पुरस्कार) की नकद राशि, प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए।
वीवीएम झारखंड के राज्य समन्वयक श्री अशोक कुमार ने 50 विद्यालयों से आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें वैज्ञानिक सोच विकसित करने और नवाचार-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रीय शैक्षणिक समिति के सदस्य एवं पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. जे. के. पांडेय ने विद्यार्थियों को वीवीएम कार्यक्रम के उद्देश्यों और महत्व से अवगत कराया तथा युवा मनों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास पर बल दिया।
प्रो. सुकुमार मिश्रा, अध्यक्ष—वीआईबीएचए झारखंड एवं निदेशक—आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए उन्हें स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और उत्कृष्टता के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. के. रमेश, निदेशक, सीएसआईआर–सीईसीआरआई, कारैकुडी, ने वैज्ञानिक जिज्ञासा, नवाचार तथा राष्ट्र निर्माण में सीएसआईआर की भूमिका पर बल देते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
पुरस्कार वितरण समारोह में सीएसआईआर-सीआईएमएफआर के निदेशक प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा ने ज्ञान, आत्मविश्वास और समग्र शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया तथा वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती आर्थिक भूमिका को भी उजागर किया।
कार्यक्रम का समापन सीएसआईआर-सीआईएमएफआर के उपाध्यक्ष एवं वैज्ञानिक-जी डॉ. मुरारी पी. रॉय के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। वीवीएम राज्य-स्तरीय शिविर का सफल आयोजन, झारखंड के युवाओं में वैज्ञानिक चेतना को प्रोत्साहित करने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में सीएसआईआर-सीआईएमएफआर की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

